The duniyadari news।बिहार चुनाव 2020 में इस बार कांटे की ऐसी टक्कर हुई है कि कई विधायकों को कांटा लग गया है। कुछ मंत्री तो ऐसे हारे हैं कि पूछिए मत, लेकिन इसी बीच एक विधायक जी के साथ ऐसा हुआ जिसे देखकर वो कहावत याद आ गई कि किस्मत जब खराब होती है तो ऊंट पर सवार आदमी को भी कुत्ता काट लेता है। रीकाउंटिंग में बेचारे विधायक जी के साथ भी कुछ ऐसा ही हो गया।

जी हां, आपने एकदम ठीक पढ़ा है। इसे ही कहते हैं ऊंट पर सवार को कुत्ते का काट लेना, RJD के हिलसा (नालंदा जिला) से विधायक शक्ति सिंह यादव ऊर्फ अत्रिमुनी के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है। पहले दौर की पूरी काउंटिंग में विधायक शक्ति सिंह यादव हिलसा विधान सभा में राजद प्रत्याशी शक्ति सिंह यादव 550 वोट से जीत रहे थे। लेकिन इसी बीच रीकाउंटिंग करा दी गई। जब नतीजा आया तो विधायक शक्ति सिंह यादव और हिलसा में उनके समर्थकों को काठ मार गया। विधायक जी सिर्फ 13 वोट से… जी… सिर्फ 13 वोट से चुनाव हार गए और सत्ताधारी JDU के कृष्ण मुरारी शरण बाजी मार ले गए।

बरबीघा में भी कुछ ऐसा ही हो गया
शेखपुरा जिले के बरबीघा में भी कुछ ऐसा ही हुआ। यहां पर कांग्रेस के गजानंद शाही ऊर्फ मुन्ना शाही और कांग्रेस छोड़ JDU में गए सुदर्शन के बीच काफी कड़ा मुकाबला चल रहा था। अंतर तो लगातार 500 वोट से भी कम का था। हाल ये था कि हर राउंड में अंतर बढ़ ही नहीं रहा था। आखिर में कांग्रेस उम्मीदवार गजानंद शाही का समर्थन दम तोड़ गया और सिर्फ 135 वोट से JDU के सुदर्शन ने उन्हें हराकर फिर से बरबीघा सीट पर कब्जा जमा लिया।
वोट काटते हुए चिराग ने भी बना दिए कुछ ऐसे ही समीकरण
महुआ विधानसभा क्षेत्र से लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप चुनाव लड़ते थे। इस बार उन्होंने सीट बदल दी। महुआ से आरजेडी ने राकेश रौशन को टिकट दिया था। राकेश रौशन को 30 हजार से ज्यादा वोट मिले हैं। वहीं, जेडीयू उम्मीदवार आसमां परवीन को अभी तक 24 हजार से ज्यादा वोट मिले हैं। लेकिन यहां आरजेडी के राकेश रौशन चुनाव जीत रहे हैं। जबकि एलजेपी उम्मीदवार संजय कुमार सिंह को 12 हजार के करीब वोट मिले हैं। अगर एलजेपी एनडीए में रहती तो शायद परिणाम कुछ और होता।
मटिहानी में JDU के साथ भी हुआ कुछ ऐसा ही खेल
बेगूसराय जिले मटिहानी सीट पर भी ऐसी ही परिस्थिति बनी है। मटिहानी से सीपीआई उम्मीदवार राजेंद्र प्रसाद सिंह ने जीत हासिल की है। राजेंद्र सिंह को 37 हजार से ज्यादा वोट मिले हैं। वहीं, जेडीयू के बोगो सिंह को 31 हजार से ज्यादा वोट मिले हैं। जबकि एलजेपी के राजकुमार को सिंह को 26 हजार से ज्यादा मत मिले हैं। एलजेपी सीट तो नहीं जीत पाई लेकिन जेडीयू का नुकसान कर दिया।