0 सुस्त कार्यप्रणाली व उदासीन रवैय्ये का लगा रहे आरोप
कोरबा । नगर निगम के आयुक्त की स्वच्छ कार्यप्रणाली कुछ लोगो को रास नहीं आ रहा है., और अंदर ही अंदर उन्हें कोरबा नगर निगम से हटाने की रणनीति तैयार की जा रही है। इस कड़ी में मेयर इन काउंसिल (एमआइसी) ने आयुक्त के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सदस्यों ने आयुक्त पर आरोप लगाते हुए कहा है कि सुस्त कार्यप्रणाली व उदासीन रवैय्या से जनसमस्याओं का निराकरण नहीं करने का जनकल्याणकारी कार्य नहीं हो पा रहे है।
यंहा यह बताना लाजमी होगा कि नगर निगम आयुक्त एस जयवर्धन की पोस्टिंग के बाद निगम के सारे उल जुलूल खर्चे पर रोक लगा है। आयुक्त की कार्यप्रणाली से निगम के अधिकारी व कर्मचारी भी परेशान है क्योकि फर्जी बिल व एडजेस्टमेंट लगभग पूरी तरह से बंद हो चुकी है। निगम के अधिकारी व् कर्मचारियों पर शिकंजा कसने के प्रयास बाद स्वभाविक है अफसरों की ऊपरी कमाई कम हो गई है। एक तो कोरोना काल और कमाई कम इससे नाराज अधिकारी व कर्मचारी आयुक्त को हटाने के लिए पुरजोर प्रयास किया जा रहा है। जिससे की पूर्व की तरह ऊपरी कमाई में इजाफा हो सके। नगर निगम आयुक्त ने पूर्व में जिला पंचायत सीईओ रहते इसी तरह से पंचायत के खर्चो पर शिकंजा कसना शुरू किया था तो कुछ लोगो को रास नहीं आया और उन्हें हटाने एड़ी चोटी की जोर लगा दी थी अब एक बार फिर निगम से उन्हें हटाने की जोर आजमाइश की जा रही है।