कोरबा। एक के बाद एक वन्यजीवों की हो रही मौत के बाद कटघोरा वन मंडल अधिकारी के कार्यो पर सवाल उठान शुरू हो गया है। कटघोरा वनमण्डल में जानवरों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। हाथियों की मौत से सुर्खियों में आए इस वन मंडल में अब तेंदुए की मौत की खबर आ रही है। जटगा रेंज के रावा सर्किल के जंगल में तेंदुए की मौत हो गई है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है। हालांकि, तेंदुआ की मौत का कारण अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो सका है। दूसरी ओर कटघोरा वन मंडल के जंगल में जानवरों की मौजूदगी पर उनकी निगरानी और सुरक्षा पर कई सवाल उठने लगे हैं।

वन्यजीव को लेकर कटघोरा वन मंडल से बेहतर वन प्रबन्धन की आशाएं जगी थी, वन व वन्य जीव प्रबंधन के नाम पर करोड़ों रूपया पानी की तरह बहाया जा रहा है। जंगल में लगातार कम हो रहे शिकार व प्राकृतिक संसाधनों के कारण तेंदुए, हाथी, व सुअंर समेत अन्य जानवर समीप के खेतों व बस्तियों की ओर बढ़ रहे हैं। जिससे असमय जंगली जानवरो की मौत हो रही है। यूँ तो कहने को जंगल में वन्य जीवो के लिए जगह जगह तालाब बनाये गए है लेकिन जंगल में विचरण करने वाले जानवर अभी भी प्यासे है। पानी की तलाश में दो बेबी एलिफेंट की मौत पहले ही हो चुकी है।