The Duniyadari.Com: मेरठ में हस्तिनापुर के निलंबित थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह की जांच अब एंटी करप्शन ब्यूरो ने भी शुरू कर दी है। उसकी अकूत संपत्ति के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। अलीगढ़ में धर्मेंद्र के खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा द्वारा भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कराने के बाद मेरठ में उसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी है।

हस्तिनापुर का थानाध्यक्ष रहते धर्मेंद्र ने वन्य क्षेत्र में आलीशान फार्म हाउस बनाया था। 29 सितंबर को अमर उजाला में इसका खुलासा होने के बाद उसे लाइन हाजिर कर दिया गया था। इसके तुरंत बाद बिजली विभाग ने शास्त्री नगर में धर्मेंद्र के फ्लैट पर छापा मारा था, जहां बिजली चोरी की जा रही थी। मुकदमा दर्ज होने पर धर्मेंद्र को निलंबित कर दिया गया था। शासन के निर्देश पर एडीजी और आईजी ने धर्मेंद्र के भ्रष्टाचार व उसके द्वारा मुकदमों में फर्जीवाड़ों की जानकारी शासन को दी थी। डीजीपी के निर्देश पर एंटी करप्शन ब्यूरो ने इसकी जांच शुरू कर दी है। ब्यूरो की टीम धर्मेंद्र की अकूत संपति के बारे में जानकारी जुटा रही है। धर्मेंद्र के पास करोड़ों रुपये की संपति है। कई लग्जरी गाड़ियां और आलीशान मकान भी हैं। एसपी हापुड़ ने आईजी को सौंपी जांच रिपोर्ट धर्मेंद्रके खिलाफ मेरठ और हापुड़ से भी जांच कराई जा रही है। हस्तिनापुर में थानाध्यक्ष रहते वन्य क्षेत्र में फार्म हाउस बनाने के अलावा उसके खिलाफ आम लोगों की भी तमाम शिकायतें हैं। आईजी मेरठ रेंज के निर्देश पर इनकी जांच एसपी हापुड़ को सौंपी गई थी। तीन दिन पहले एसपी हापुड़ ने जांच रिपोर्ट आईजी को सौंप दी थी। उसके बाद आईजी ने तीन और बिंदुओं पर एसपी से जांच रिपोर्ट मांगी है। बताया गया कि एसपी हापुड़ की जांच रिपोर्ट में भी धर्मेंद्र को दोषी पाया गया है।