कांग्रेस की एकादश एल्डरमैन की सूची जारी होने के बाद आदिवासी वर्ग के नेताओं में मायूसी

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कोरबा। नगर निगम कोरबा में लंबे अर्से बाद कांग्रेस के नेताओं को एल्डरमैन बनने का मौका मिला तो पार्टी आलाकमान के अलग अलग खेमे के कार्यकर्ताओं में एल्डरमैन बनने उम्मीद जगी थी। निगम के 11 नेताओं की नियुक्ति में ऐसे भी चेहरे हैं, जो मंत्री खेमे के माने जाते हैं, अब बात करे सांसद खेमे की तो शहर की सड़कों में बड़े बड़े फ्लेक्स लगाकर नेता पुत्र के गुणगान करने वाले खेमे में नाराजगी जायज है खैर कोरबा शहर की तासीर है कोई भी कद का नेता हो खुलकर बगावत नहीं कर सकता और अंदरूनी विरोध करने वाले नेता भी अच्छे पोजिशन में नही है। यही वजह है कि शहर मे रहकर नेताजी से दुश्मनी कोई नही लेना चाहता। वही बात करे क्षेत्रीय संतुलन की तो आदिवासी वर्ग के नेताओं को भी मायूस होना पड़ा है। निहारिका और दर्री क्षेत्र से सबसे अधिक 3-3 कांग्रेसियों को एल्डरमैन बनाया गया है। प्रदेश में 15 साल तक भाजपा की सत्ता होने के कारण भाजपाई ही एल्डरमैन बनते रहे हैं। निगम में कांग्रेस की सत्ता का यह दूसरा कार्यकाल है। पहले कार्यकाल में महापौर रेणु अग्रवाल थीं, लेकिन प्रदेश में भाजपा की सत्ता थी। इस बार जब निगम में कांग्रेस की सरकार बनी तो प्रदेश में भी पार्टी की ही सरकार होने से 11 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एल्डरमैन बनने का मौका मिला है। टीपी नगर जोन से एस मूर्ति को एल्डरमैन बनाया गया है, जो कांग्रेस के संयुक्त महामंत्री हैं। उनके ही वार्ड से पार्षद बने राजकिशोर प्रसाद अभी महापौर हैं। राताखार क्षेत्र से बच्चू मखवानी को एल्डरमैन का पद दिया गया है। वे भी संगठन में सक्रिय हैं। वे पहले कोरबा में रहते थे। पुराना शहर में और भी कई वरिष्ठ कांग्रेसी हैं, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिला। कुसमुंडा क्षेत्र से गीता गभेल को मौका दिया गया है। जो महिलाओं के बीच सक्रिय रहती हैं। बांकीमोंगरा से ठाकुर प्रसाद अकेला व परमानंद सिंह एल्डरमैन बने हैं। अकेला पार्षद का चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन संगठन मेंे सक्रिय रहते हैं। निहारिका क्षेत्र से रूपा मिश्रा, आरिफ खान व संगीता सक्सेना को एल्डरमैन बनाया गया है। तीनों ही संगठन में ही सक्रिय रहते हैं। दर्री क्षेत्र से मनीराम साहू, आशीष अग्रवाल व पुरान दास महंत एल्डरमैन बने हैं। मनीराम पार्षद का चुनाव लड़ चुके हैं तो पुरान दास वहां के पंचायत प्रतिनिधि रह चुके हैं। बालको जोन के कांग्रेसियों को एल्डरमैन नियुक्ति में जगह नहीं मिली है। महापौर राजकिशोर प्रसाद का कहना है कि यह सही है कि बालको से एक भी एल्डरमैन नहीं बने हैं। इसकी नियुक्ति प्रदेश सरकार करती है।