नई दिल्ली।कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर पूरी दुनिया में फैली हुई है। इस बीच एक अच्छी खबर सामने आ रही है. कोरोना से लड़ने के लिए वैक्सीन के साथ- साथ अब दवा भी तैयार है। . ‘AAYUDH Advance की इस दवा को टेस्ट किया गया है. अहमदाबाद के दो सरकारी अस्पतालों में इस दवा को टेस्ट किया गया है जिसके बाद इसे कारगर पाया गया है। चार दिनों तक यह दवा मरीजों में चलायी गयी है जिसके बाद इसे सफल पाया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस दवा के बारे में यह दावा किया जा रहा है कि इसके सेवन से महज 4 दिन के अंदर कोरोना के मरीज ठीक हो जाते हैं। यह दवा 2 क्लीनिकल ट्रायल से गुजर चुकी है. दो हेल्थ रिसर्च जर्नल में इसकी रिपोर्ट भी प्रकाशित की जा चुकी है। अहमदाबाद के सरकारी अस्पतालों में मरीजों पर इस दवा का ट्रायल किया गया और पाया गया कि दवा कोरोना मरीजों पर प्रभावी है. खास बात यह है कि इस दवा का कोई साइड इफेक्ट नहीं है।

कोई साइड इफेक्ट नहीं’
‘AAYUDH Advance’ का कोई साइड इफेक्ट भी सामने नहीं आया है। जिन COVID-19 रोगियों का इलाज ‘AAYUDH Advance’ से किया गया वे सभी COVID-19 नेगेटिव आए और बुखार, खांसी और सांस की तकलीफ जैसे लक्षणों में बेहद सुधार देखा गया। ‘कंटेम्परेरी क्लिनिकल ट्रायल कम्युनिकेशन’ मैग्जीन में छपी एक रिसर्च के मुताबिक AAYUDH कोरोना के इलाज में एडवांस स्टैंडर्ड ऑफ केयर पर खरी उतरती है। यह रिसर्च नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ, अमेरिका की वेबसाइट पर भी प्रकाशित हुई है।

हल्के लक्षण वाले मरीजों पर ज्यादा असरदार
इसके सेवन के बाद शरीर का तापमान, कफ की समस्या और सांस लेने की दिक्कत जैसी परेशानी तेजी से ठीक होती है। विज्ञान और हेल्थ सेक्टर में दुनिया के बड़े जर्नल कंटेम्प्रेरी क्लिनिकल ट्रायल कम्युनिकेशन में इस पर रिसर्च रिपोर्ट पब्लिश हो चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक ये दवाई कोरोना के हल्के लक्षणों वाले मरीजों पर काफी असरदार है। दवाई का पहला क्लिनिकल ट्रायल अक्टूबर 2020 में श्रीमती एनएचएल नगर मेडिकल कॉलेज में किया गया था। दूसरा ट्रायल जनवरी 2021 में GMERS मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में किया गया। पहला ट्रायल ऐसे मरीजों पर किया, जिनमें कोरोना के हल्के लक्षण थे। हल्के लक्षण वाले मरीजों को आयुध एडवांस दिन में चार बार दी गई। सभी मरीज 4 दिन के अंदर ठीक हो गए। ट्रांजेशनल हेल्थ साइंस और टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट के मुताबिक ये दवाई रेमडेसिविर की तुलना में 3 गुना ज्यादा प्रभावी है।

21 पौधों से तैयार की गई है आयुर्वेदिक दवा
इसे गुजरात की शुक्ला अशर इंपेक्स प्राइवेट लिमिटेड ने बनाया है। ये एक लिक्विड दवा है, जिसे 21 अलग-अलग पौधों से तैयार किया गया है। आयुर्वेद शास्त्र के मुताबिक इन पौधों से लिए गए तत्व सुरक्षित और प्रभावी हैं। वैक्सीनेशन खत्म होने पर आयुध एडवांस मार्केट में आ जाएगी। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर दीप शुक्ला ने बताया कि आयुध एडवांस, वैक्सीन के मुकाबले काफी अलग है। वैक्सीन किसी एक बीमारी के खिलाफ एंटीबॉडी बनाती है, लेकिन उससे बीमारी 100 प्रतिशत ठीक नहीं होती है। इसके उलट आयुध एडवांस से बीमारियां जड़ से ठीक होती हैं।

इस दवा की कई स्तर पर जांच की गयी है। यह दवा उन संक्रमितों की दी गयी जिनमें कोविड 19 के लक्षण थे और जांच कराने के बाद उनकी रिपोर्ट पॉजीटिव आयी थी। इनमें से कई मरीजों को सांस लेने में तकलीफ थी।

यह दवा कोरोना के इलाज में खरी उतरी है। इस पर हुए शोध के साथ इस रिसर्च को रिसर्च नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ, अमेरिका की वेबसाइट पर भी प्रकाशित किया गया है।

इस दवा का टेस्ट पिछले दो सालों से चल रहा है पहली बार इसका ट्रायल अक्टूबर 2020 में हुआ दूसरी बार जनवरी 2021 में हुआ। इस दवा के डोज के दौरान कोरोना से संक्रमित मरीज केवल चार दिनों में ही ठीक हो गये।