कोल इंडिया में बोनस पर. …. दिन में वार्ता, पर नेताओं की उम्र बन रही रोड़ा

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0स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी के ज्यादातर मजदूर नेताओं की उम्र 60 वर्ष से अधिक, इसलिए हो रही देर

theduniyadarikorba@gmail.comदुर्गापूजा में कोयलाकर्मियों काे मिलने वाले परफॉर्मेंस लिंक्ड रिवार्ड (पीएलआर) या बोनस पर फैसला के लिए कोल इंडिया प्रबंधन वर्चुअल की जगह फिजिकल मीटिंग कराना चाह रही है। कोरोना वायरस के कारण पिछले मार्च महीने से अब तक किसी तरह की फिजिकल बैठक नहीं हो पाई है। कोरोना और लॉकडाउन के कारण अब तक कंपनी किसी भी निर्णय के लिए वर्चुअल मीटिंग ही करती आ रही है।
दूसरी ओर बोनस पर फैसला के लिए निर्णय लेने वाली स्टैंडर्डाइजेशन कमिटी में बैठने वाले ज्यादातर मजदूर नेताओं की उम्र 60 वर्ष से अधिक होने के कारण फिलहाल इस पर फैसला नहीं हो पाया है। हालांकि प्रबंधन फिजिकल बैठक चाहती है क्योंकि बोनस मामला वित्त से जुड़ा होता है।
सोमवार तक निर्धारित हो सकती है बैठक की तिथि
कोल इंडिया प्रबंधन की मानें तो दुर्गा पूजा में कोयलाकर्मियों काे मिलने वाले परफॉर्मेंस लिंक्ड रिवार्ड (पीएलआर) या बोनस के लिए बैठक पर सहमति बन सकती है। कोल इंडिया प्रबंधन इस पर काम कर रही है। बैठक कब और कहां तथा फिजिकल या वर्चुअल करना है, इस पर एक लाख रुपए बोनस देने की हो सकती है मांग सोमवार तक निर्णय ले लिया जाएगा। संभव है पांच अक्टूबर तक बोनस पर किसी तरह का निर्णय लिया जाए।
एक लाख रुपए बोनस देने की हो सकती है मांग
इस बीच सीटू महामंत्री बीबी रामानंदन ने दावा किया है कि कोयलाकर्मियों को निर्धारित समय पर बोनस का भुगतान कर दिया जाएगा। कोरोना के कारण बोनस मिलने या नहीं मिलने पर जो अटकलें लगाई जा रही हैं, उसे उन्होंने पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि बोनस हर हाल में मिलेगा। कोल इंडिया में कार्यरत लगभग दो लाख 60 हजार कोयलाकर्मियों को पिछले वर्ष 2019 के दौरान दुर्गा पूजा में बोनस के तौर पर 64,700 रुपए मिले थे। इस प्रकार इस वर्ष 2020 में मजदूर नेताओं की ओर से बोनस के तौर पर एक लाख रुपए देने की मांग रखी जा सकती है। हालांकि, इस मामले पर मजदूर संगठन के नेताओं में अभी अपने पत्ते नही खोले हैं।