डी डी न्यूज़। सुप्रीम कोर्ट में हिरासत में रखने से जुड़े मामले पर अगली सुनवाई होने से महज दो दिन पहले जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को रिहा कर दिया गया। 434 दिन की लंबी नजरबंदी के बाद पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने खुली हवा में सांस ली। रिहा होने के बाद उन्होंने कहा, “अब हमें ये याद रखना है कि दिल्ली दरबार ने 5 अगस्त को अवैध और अलोकतांत्रिक तरीके से हमसे क्या लिया था, हमें वो वापस चाहिए।” उन्हें पिछले साल 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाए जाने से पहले केंद्र सरकार ने हिरासत में ले लिया था। इसके बाद से ही वह अपने घर पर नजरबंद थीं। उनके घर को उपजेल घोषित किया गया था। वहीं कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज अभी भी हिरासत में हैं।

मंगलवार को रिहा होने के बाद महबूबा के ट्विटर हैंडल से उनका एक ऑडियो मैसेज शेयर किया गया। अपने मैसेज में उन्होंने कहा, “मैं आज एक साल से भी ज्यादा अरसे के बाद रिहा हुई हूं। इस दौरान 5 अगस्त, 2019 के काले दिन का काला फैसला, हर पल मेरे दिल और रूह पर वार करता रहा और मुझे अहसास है कि यही कैफियत जम्मू-कश्मीर के तमाम लोगों की रही होगी। हममें से कोई भी शख्स उस दिन की डाकाजनी और बेइज्जती को कतई भूल नहीं सकता।”