रायपुर।कोरोना संकट के समय विभिन्न कार्यो के लिए एस डी एम द्वारा शिक्षकों को ड्यूटी पर लगाया जा रहा है। जिस पर शिक्षकों द्वारा दोहरे डर के बीच ड्यूटी किया जा रहा है। शिक्षकों को एक तो कोरोना संक्रमण का खतरा डरा रहा है और दूसरा अधिकारियों का आदेश डरा रहा है। ऐसा एक मामला कोंण्डागांव जिले के केशकाल विकासखंड से सामने आया है। यहां के एक शिक्षक भारत भूषण कश्यप ने केशकाल एस डी एम को पत्र लिखा है अपने पत्र मे शिक्षक कश्यप ने लिखा है कि जिस कार्य के लिए उनकी ड्यूटी लगाई गई है उसमें वह अकुशल है। लेकिन आपके हस्ताक्षर से जारी आदेश पर मै अपनी उपस्थिति दे रहा हूं। संभावित दुर्घटना के लिए आप स्वयं जिम्मेदार होगें।शिक्षक के लिखे उक्त पत्र से सवाल उठ रहा है कि आखिर शिक्षक ने ऐसा क्यों लिखा? क्या एस डी एम द्वारा आदेश जारी करना अवैध है? क्या शिक्षक को उसके विभागीय अधिकारियों द्वारा आदेश दिया जाना था? शिक्षक के पत्र को पढ़कर तो यही लगता है कि शिक्षक डरा हुआ है। और वह संभावित दुर्घटना के लिए सशंकित है कि यदि ड्यूटी के दौरान उसे कुछ हो जता है तो कौन जिम्मेदार होगा शिक्षा विभाग? या फिर एस डी एम ?