The duniyadari news.हाल ही में ही में आई वेब सीरीज़ मिर्जापुर काफ़ी चर्चा में है. पूर्वांचल के गैंगवार पर बनी इस सीरीज़ को काफ़ी पसंद किया जा रहा है. फिल्म के कई ऑस्पेक्ट रहे हैं. अखंडानंद त्रिपाठी उर्फ़ कालीन भैया और उनके बेटे फूलचंद त्रिपाठी और मुन्ना भइया हों या फिर गुड्डू पंडित और बबलू पंडित हों. हर कैरेक्टर ने दर्शकों के दिमाग पर छाप छोड़ी. लेकिन, मिर्ज़ापुर के केंद्र में लड़ाई अखंडानंद त्रिपाठी और रतिशंकर शुक्ला के बीच होती है. वह लड़ाई है मिर्जापुर के लिए. मिर्जापुर किसका होगा? इस सवाल के इर्द-गिर्द सीरीज़ डेवलप होती है और पार्ट-2 की भी अहम कड़ी में रहती है.
लेकिन, फ़िक्शन से इतर भी मिर्जापुर-सोनभद्र की सीट के लिए दो बाहुबली आमने-सामने रहते हैं. यह लड़ाई फ़िल्मी लड़ाई न होकर रियल लड़ाई है. इस सीट पर पूर्वांचल के दो बाहुबली अपने-अपने परिवार के सदस्यों को लड़ाते हैं. और, इस लड़ाई में हमेशा एक बड़े गैंगवार का अंदेशा होता है.
ये दोनों बाहुबली हैं ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्रा और पूर्व विधायक विनीत सिंह. इस सीट पर साल 2016 के चुनाव में विजय मिश्रा ने अपनी पत्नी रामलली मिश्रा को चुनाव में उतारा था. वहीं, विनीत सिंह अपने भाई त्रिभुवन नारायण सिंह को. रामलली जहां सपा के टिकट पर मैदान में थीं, तो वहीं त्रिभुवन नारायण बसपा के टिकट पर.
इस चुनाव में रामलली मिश्रा की जीत तो हो गई थी. लेकिन, विजय मिश्रा और विनीत सिंह में ये अदावत अब भी जारी है. कहा जा रहा है कि विजय मिश्रा के ऊपर आरोप लगने की कवायद शुरू हुई है, उसमें कहीं न कहीं आने वाले साल में मिर्जापुर-सोनभद्र सीट पर होने वाला चुनाव ही है. पिछले चुनाव में मामला जिस तरह री-काउंटिंग तक पहुंचा था और असलहों के साथ हंगामा हुआ था, वह किसी से छिपा नहीं है.
ऐसे में इन दो बाहुबलियों के बीच भी मिर्जापुर किसका होगा, उसकी लड़ाई जारी है. चुनावी बिसात पर दो बाहुबली जिस तरह अपनी-अपनी प्रतिष्ठा फंसाते हैं, उससे गैंगवार की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है. हर चुनाव के दौरान तनाव बढ़ता है और फिर पूरे 5 साल खींच-तान, आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता है.
पिछले चुनाव में विनीत सिंह ने आरोप लगाया था कि विजय मिश्रा उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं. उनका दावा था कि विजय मिश्रा अपनी गाड़ी में एके-47 और जाली नोट लेकर घूम रहे हैं. वह किसी को धमका रहे हैं तो किसी को खरीद रहे हैं. बीडीसी और प्रधानों को भी धमकाने का आरोप लगाया था.