कोरबा। प्रदेश में इन दिनों कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। सी एस ई बी की बंद हुए पॉवर प्लांट को एस ई सी एल कोरबा से अभी भी कोयला आपूर्ति हो रहा है, जबकि प्लांट को बंद कर उसके स्क्रेब की भी नीलामी हो चुकी है। इसके बाद भी कोयला आपूर्ति होना एक बड़े भ्रष्टाचार को इंगित कर रहा है।

छत्तीसगढ़ राज्य विघुत उत्पदन कंपनी ने एसईसीएल को जानकारी नही दिया है कि उन्हें 31 दिसंबर के बाद कोयला की आवश्यकता नही पड़ेगी। विघुत कंपनी के कोरबा पूर्व ताप विधुत संयत्र 31 दिसंबर को पूर्ण रूप से बंद होगी। इस प्लांट को एसईसीएल अपने मानिकपुर कोयला खदान से 54 सालो से कोयला आपूर्ति की है चूंकि अब कोरबा पूर्व संयत्र बंद हो रहा है। इस स्थिति में मानिकपुर से मिल रहा है।लिंकेज कोयला बंद करने का सूचना एसईसीएल को नही दी गई है.। इस बात की जानकारी एसईसीएल कोरबा क्षेत्र के महाप्रबंधक एन.के. सिंह ने दिया है। उन्होंने बताया कि विघुत कंपनी से उन्हें कोई भी पत्र नहीं मिला है जिसके तहत एसईसीएल विघुत कंपनी की कोरबा पूर्व ताप विघुत संयत्र को कोयला आपूर्ति रोक दे। फिल्हाल विघुत कंपनी के एमडी एनके बिजोरा ने पहले बताया था कि कोयला सप्लाई रोकने के लिए एसईसीएल को पत्र लिखा जा चुका है लेकिन एसईसीएल कोरबा क्षेत्र के महाप्रबंधक ने किसी भी तरह का पत्र मिलने की बात से इंकार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि मानिकपुर खदान को कोरबा पूर्व ताप विघुत संयत्र के अलावा मड़वा ताप विघुत संयत्र को कोयला आपूर्ति की जा रही है।