0 जंगल के चिन्हित जगह में लगता है फड

0 रईसजादो की काली कमाई बना मनोरंजन का जरिया

कोरबा।(theduniayadari.com) लाकडाउन के दौरान जब पूरे शहर में सन्नाटा पसरा है तब नॉल लेकर जुआ खिलाने का कारोबार जोर पकड़ने लगा है ।52 परी के इस खेल में काली कमाई करने वाले रईसजादो के अलावा सफेदपोश भी शामिल हो रहे हैं। शराब कबाब जैसी सुविधाओं के साथ जंगल के भीतर चल रहे जुआ के डेरे नाल बाजों के लिए उम्दा व्यवसाय बन चुका है, वहीं रोज-रोज जगह बदल कर ये पुलिस की आंखों में धूल झोंकने में कामयाब हो रहे हैं।

तालाबंदी के दौरान जिले जंगलों में जगह बदल बदल कर चले जुए के खेल से पुलिस की मुखबिर तंत्र फेल हो गई हैं। हालाकि सूत्रों की माने तो सब आपसी कोआर्डिनेशन में चल रहा है।

जिले में 10 दिनों के ताला बंदी के बाद शहर के तमाम कारोबार और व्यापार बंद है ऐसे में अवैध कारोबारियों की चांदी हो गई है. जंगल में जगह बदल बदल कर मंगल होने लगा है और महफिले गुलजार हो रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शहर के हुए के कारोबार में वर्षो से कबाड़ी का काम करने वाले नेतानुमा का हाथ होना बताया जा रहा है. जिसके हाथ अब कबाड़ व्यवसाय के साथ- साथ जुए, सट्टे और डीजल चोरी में भी बढ़ने लगे हैं. बालकों का कुख्यात जुआ हिस्ट्रीशीटर की संलिप्तता भी साथ में बताई जाती है। शहर में लंबे समय से चल रहे जुआ ,सट्टा और कबाड़ के धंधे से पुलिस के साख को बट्टा लग रहा है। जुए के धंधे में लिप्त लोगो की जानकारी होने के बाद भी पुलिस का शिकंजा काले कारनामे को अंजाम देने वालो पर क्यों नही कसा जा रहा है यह भी एक बड़ा सवाल बनकर रह गया है। जानकर अब सोशल मीडिया के माध्यम से आवाज मुखर कर पूछ रहे है कि लॉकडाउन केवल आम जनता के लिए है या फिर काले कारोबारियों पर भी लागू होगा लॉकडाउन का नियम यह पब्लिक के लिए बस सवाल बनकर रह गई हैं। बहरहाल तालाबंदी में भी चल रहे जुए के फड़ को संरक्षण किसका है?