कोरबा। कोरोना महामारी एवं लाकडाउन होने के कारण लाखों मजदूर अपने रोजगार गंवाकर अपनें कार्यस्थल से अपने मूल स्थानों पर वापस आ गए। भारतीय मजदूर संघ के सार्थक पहल पर केन्द्र सरकार ने इस प्रकार के श्रमिकों के लिऐ स्वास्थ्य व खाद्य सुरक्षा तथा रोजगार सृजन के लिए भारी मात्रा में राज्यों को धन आबंटित किया है , परंतु सरकार की योजना का लाभ उक्त मज़दूरों को नहीं मिल पा रहा है।आज भी लाखों श्रमिकों के खाते मे राशि हस्तान्तरण नही हुई है,मनरेगा कार्ड पंजीयन नही हुए है,स्वास्थ्य सुविधा नही मिली।मजदूर परेशान हैं, दुसरी ओर कई राज्य सरकारों ने इस मद में केन्द्र से मिले धन को अन्य मदों में हस्तान्तरण करना प्रारम्भ कर दिया है। इस प्रकार सभी मज़दूरों को अपेक्षित लाभ दिलाने के लिए भारतीय मजदूर संघ नें 11 सितम्बर को “अजीविका बचाओ दिवस” के रुप मे मनाने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम के तहत पुरे भारत में जिला कलेक्टर कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा जायगा ज्ञापन में केन्द्रीय स्तर के मांगों के अतिरिक्त स्थानीय मांगों को भी समाहित किया जायगा।

इस आपदा काल में (लाकडाउन के समय) कई नियोजकों/मालिकों ने श्रेष्टतम उदाहरण प्रस्तुत कर मज़दूरों तथा उनके परिवारों को उक्त समय का वेतन देकर उन्हें संरक्षण दिया। ऐसे नियोजकों/मालिकों को 17 सितम्बर विश्वकर्मा जयन्ति के दिन से 25 सितम्बर के बीच में स्थानीय संगठन कार्यालय में कोरोना बिमारी से बचाव के नियमों का पालन करते हुए कार्यक्रम आयोजन कर उन्हें सम्मानित किये जाने का भी निर्णय भारतीय मजदूर संघ ने लिया है।
दिनांक 08.09.2020 को सम्मपन्न केंद्रीय कार्यसमिति की वर्चुअल बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कोरोना महामारी के वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए भारतीय मजदूर संघ का राष्ट्रीय अधिवेशन प्रत्यक्ष रूप से कराना अभी संभव नहीं है अतः अब अधिवेशन वर्चुअल पद्धति से 2 से 4 अक्टूबर 2020 तक होगा।