कोरबा । करोड़ों रूपयों के घोटाले का आरोपी को-आपरेटिव बैंक बिलासपुर का पूर्व अध्यक्ष और तथाकथित भाजपा नेता देवेन्द्र पाण्डेय की एक गंभीर आपराधिक प्रकरण में जांच एजेंसी सरगर्मी के साथ तलाश कर रही है। देवेन्द्र पाण्डेय को फरार बताया जा रहा है। पाण्डेय की तलाश में शनिवार को कोरबा, जबकि रविवार को रायपुर स्थित उसके छुपने के संभावित ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की गयी।
को-आपरेटिव्ह बैंक बिलासपुर का अध्यक्ष रहते हुए कई तरह के हथकण्डे अपनाकर सौ करोड़ रूपयों से अधिक का घपला करने का आरोपी देवेन्द्र पाण्डेय पूर्ववर्ती सरकार में भाजपा नेता होने के कारण जांच में अपराधों की पुष्टि होने के बाद भी अफसरों को अपने प्रभावशाली होने का झांसा देकर और धौंस दिखाकर अपना बचाव करता रहा है। लगभग सात वर्षों से उसके खिलाफ गंभीर आर्थिक अनियमितताओं का मामला ई. ओ. डब्ल्यू और सहकारिता विभाग में लंबित रखा गया था।
अधिकारिक जानकारी के अनुसार हाल ही में रामपुर विधायक और प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर की सक्रियता से कार्रवाई पर छाया धुन्ध छंटने लगा है। कथित भाजपा नेता के घपलों के खिलाफ कार्रवाई प्रारंभ हो चुकी है। देवेन्द्र पाण्डेय को गत सप्ताह बयान के लिए तलब किया गया था। उस समय पाण्डेय ने खुद को होम आइशोलेशन में होने का हवाला देकर अपना बचाव कर लिया था और जांच एजेंसी के सामने उपस्थित नहीं हुआ था। लेकिन उसके तुरन्त बाद वह भूमिगत हो गया था। जांच एजेंसी ने दोबारा उसके घर से सम्पर्क किया तो पता चला कि वह भूमिगत हो गया है। अब उसे फरार मान कर उसकी सरगर्मी के साथ तलाश की जा रही है।
जानकारी के अनुसार कोरबा में शनिवार को सभी संभावित ठिकानों में पतासाजी के बाद बिलासपुर और रायपुर में देवेन्द्र पाण्डेय की खोजबीन की जा रही है। रविवार को वी आई पी रोड रायपुर के लासविस्टा आवासीय परिसर के एक बंगले में छापा मारा गया, जहां पता चला कि देवेन्द्र पांडेय द्वारा कुछ समय पूर्व उक्त बंगला को किसी को किराये पर दे दिया गया है। अब जांच एजेंसी देवेन्द्र पाण्डेय की अन्य संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही है।

एक अपराधिक प्रकरण में देवेंद्र पाण्डेय की तलाश की जा रही है। वह फरार हो गए हैं। जांच टीम उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
कीर्तन राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, कोरबा