नई दिल्ली: मॉनसून (Monsoon) आ गया है और बया (Bayaweaver) ने दुनिया के पक्षियों से जुदा अपने अलग किस्म के आशियाने बनाने शुरू कर दिए हैं. उसके लिए यह मौसम घरौंदे (Nest) बनाने और संतति बढ़ाने का है. मानव बस्तियों में तो आप रहते हैं, क्या आपने कभी इस खास पक्षी की बस्ती देखी है? दक्षिण एशिया (South Asia) में पाया जाने वाला हल्के पीले रंग का पक्षी बया मॉनसून के आते ही एक सुंदर बस्ती बसाने में जुट जाता है. बया बुनकर पक्षी (Weaverbird) भी कहलाता है और इसकी यह खासियत इसके घोंसलों में दिखाई देती है. घांस के तिनकों से बनने वाला बया का घोंसला बाकी सभी पक्षियों के घोंसलों से बिल्कुल अलहदा होता है. तिनका-तिनका जोड़कर, उन्हें गूंथकर वह अपने घोंसलों को ऐसा बनाता है कि जिसे देखकर यही लगता है कि किसी बुनकर ने बहुत सब्र और लगन के साथ उसे आकार दिया है.
भारत में मॉनसून आने के साथ बया ने अपने घोंसले बनाना शुरू कर दिया है. चाइल्ड राइट्स एक्टिविस्ट और नेचर फोटोग्राफर अनिल गुलाटी ने ट्विटर पर एक वीडियो साझा किया है जिसमें बया के झुंड का कलरव और उसकी कॉलोनी देखी जा सकती है.
भारत और दक्षिण एशिया में खास तौर पर मॉनसून का आना एक ऐसी घटना है जिसका सभी को इंतजार होता है. ऐसा हो भी क्यों न, मॉनसून ही प्रकृति में बदलाव का वह चरण है जिस पर दुनिया के इस इलाके की अर्थव्यवस्थाएं निर्भर हैं. भारत जैसे देश, जिनकी अर्थव्यवस्था (Economy) खेतीबाड़ी पर ही आधारित है, मॉनसून के बिना तो सहज आर्थिक, सामाजिक और प्राकृतिक चक्र की कल्पना भी नहीं कर सकते. मॉनसून के साथ प्रकृति भी अपने नए रंग-रूप में सामने आती है. इंसान के साथ-साथ पेड़-पौधे, पशु-पक्षियों की जीवन शैली (Life Style) में भी एक बदलाव आ जाता है. इंसान मॉनसून आते ही जहां अपने घरों के बारिश से बचाव और रखरखाव में जुट जाता है वहीं बया अपने नए-नए आशियाने बनाने में जुट जाता है.
'Bhopal' welcoming monsoon and call for rains. Baya weaver birds and their nest this morning. #Bhopal #birds #Bhopalwalk #Bayaweaver pic.twitter.com/K4ZXlZBs5h
— Anil Gulati (@Anil5) June 18, 2022
बया पेड़ की डाल से लटकने वाले खूबसूरत घोंसले बनाता है. यह घोंसले ऊपर से पतले और नीचे से चौड़े और गोल होते हैं. यह घोंसले पेड़ों पर झूलते तो हैं लेकिन यह इतने मजबूत होते हैं कि आंधी चलने पर भी गिरते नहीं हैं.












