महासमुंद। छत्तीसगढ़ में में हाथियों की मौतों का मामला थमता नजर नहीं आ रहा है। कहीं दुर्घटनावश तो कहीं असामाजिक तत्व शिकार के लिए हाथियों की जान के दुश्मन बने पड़े हैं। ताजा मामले में गरियाबंद जिला मुख्यालय से लगभग 38 किलोमीटर दुर धवलपुर वन परिक्षेत्र के पारागांव में करंट की चपेट में आने से एक हाथी की मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलते ही वन विभाग का अमला मौके पर पहुंच गया। हाथी की मौत का यह मामला धवलपुर वन परिक्षेत्र का बताया जा रहा है।वहीं दूसरी ओर महामुंद में पिथौरा वनपरिक्षेत्र के किशनपुर बिट क्रमांक 491 में हथिनी की करंट से संदिग्ध मौत मामले में किशनपुर गांव के सात आरोपी ग्रामीणों को गिरफ्तार किया गया है। सभी ने हथिनी व भालू का शिकार करने की बात कबूल की है। वहीं कुछ अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की भी खबर है। इस मामले में वनविभाग को अहम सुराग मिलने की भी जानकारी सामने आ रही है।

दोनों मामलों में करंट आम

बहरहाल दोनों मामलों में एक आम बात यह है कि हाथियों की मौत 11 केव्ही लाइन के करंट से ही हुई है। जिससे हाथियों की मौत पर शिकार का संदेह गहराता जा रहा है। वहीं दूसरी ओर विद्युत विभाग द्वारा लापरवाही बरते जाने की बातें भी आम हो गई हैं। गरियाबंद के ताजा मामले में धवलपुर से लगे ग्राम पारागांव में रविवार की रात एक हाथी की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। सोमवार को सुबह जैसे ही ग्रामीणों ने हाथी को जमीन पर लेटे देखा तो इसकी सूचना वन विभाग दी। डीएफओ मयंक अग्रवाल समेत वन विभाग के अन्य अधिकारी भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों और वन विभाग के मुताबिक हाथी की मौत करंट लगने से हुई है। हाथी 11 केव्ही लाइन की चपेट में आ गया।