लाल जोड़े में देख परिजनों में हुआ विवाद

कानपुर/ कानपुर के बर्रा में समलैंगिक विवाह का मामला सामने आया है। करीब एक सप्ताह से घर से लापता दो युवतियां सोमवार को जब शादी के जोड़े में बर्रा चौकी पहुंचीं तो उन्हें देखकर परिजन हक्काबक्का रह गए। युवतियों ने बताया कि उन्होंने एक साल पहले 25 अगस्त 2019 को बिठूर के एक मंदिर में शादी कर ली थी।
पुलिस ने भी सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का हवाला देते हुए दोनों युवतियों को अपनी मर्जी से कहीं भी रहने की बात कहकर भेज दिया। वहीं चौकी में मौजूद दोनों ओर के परिजनों में काफी विवाद हुआ और हंगामा भी किया। दरअसल बर्रा गुंजन विहार निवासी महिला ने बर्रा चौकी में शिकायत की थी कि उसकी नाबालिग बेटी को उसी की सहेली बहला फुसलाकर भगा ले गई है। वह घर से जेवर और नगदी भी ले गई है। इस पर बर्रा चौकी इंचार्ज सत्यपाल सिंह ने सोमवार को युवती के मोबाइल पर फोन कर चौकी बुलाया। कुछ देर बाद दोनों युवतियां चौकी पहुंचीं। दोनों के गले में जयमाला पड़ी थी। दोनों ने बयान दिए कि वे एक-दूसरे को पसंद करती हैं। उन्होंने एक साल पहले मंदिर में शादी कर ली है। परिवार वालों को जब इस बात की जानकारी हुई तो वे विरोध करने लगे।
दोनों परिवारों में कई बार विवाद भी हुआ। इससे परेशान होकर ही वे दोनों 20 सितंबर को घर से चली गईं। दो-तीन दिन बिठूर में रुकीं। इसके बाद कानपुर देहात में एक परिचित के यहां चली गईं। वर्तमान में दोनों घंटाघर के एक होटल में कमरा लेकर रह रहीं थीं। चौकी इंचार्ज ने बताया कि दोनों युवतियां बालिग हैं और मर्जी से शादी की है। ऐसे में वे साथ-साथ रहने को स्वतंत्र हैं।
दूल्हा बनी युवती को परिवार वालों ने किया बेदखल
जो युवती दूल्हा बनी थी, उसे उसके परिवार वालों ने अपनाने से इनकार कर दिया है। कहना है कि अब उनका बेटी से कोई वास्ता नहीं है। 22 सितंबर को एक अखबार में उसे परिवार से बेदखल करने का विज्ञापन भी प्रकाशित करा चुके हैं।