कोरबा। विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न गांवों एवं स्कूलों में वैज्ञानिक सोच के प्रचार प्रसार के लिए कार्यक्रमों के आयोजन किए जा रहे हैं इसी कड़ी में ग्राम गोड़मा में गुरूवार को वैज्ञानिक सोच के प्रचार प्रसार हेतु विषहीन एवं विषैले सर्प की पहचान सर्पदंश के बाद अपनाई जाने वाली सावधानियां विभिन्न प्रकार की चिडियो की पहचान एवं उनके संरक्षण संबंधी जागरूकता तथा न्यूटोनियन टेलिस्कोप के माध्यम से खगोलीय पिंडों को देखा गया।
डॉ. सीवी रमन ने 28 फरवरी 1928 को रमन प्रभाव की खोज की थी। जिसके लिए उन्हें 1930 में नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ था। इस कारण 1986 से 28 फरवरी को भारत में विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। पर्यावरण संरक्षण एवं वैज्ञानिक सोच के प्रचार-प्रसार के लिए प्रतिबद्ध संस्था छतीसगढ़ विज्ञान सभा की कोरबा इकाई द्वारा जुलाई माह से चिरई मितान-रुख मितान एवं सर्प मितान कार्यक्रम के अन्तर्गत विभिन्न गांवों में कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।साथ ही अट्ठाइस फरवरी को विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न गांवों एवं स्कूलों में वैज्ञानिक सोच के प्रचार प्रसार के लिए कार्यक्रमों के आयोजन किए जा रहे हैं इसी कड़ी में ग्राम गोड़मा में गुरूवार को वैज्ञानिक सोच के प्रचार प्रसार हेतु विषहीन एवं विषैले सर्प की पहचान सर्पदंश के बाद अपनाई जाने वाली सावधानियां विभिन्न प्रकार की चिडियो की पहचान एवं उनके संरक्षण संबंधी जागरूकता तथा न्यूटोनियन टेलिस्कोप के माध्यम से खगोलीय पिंडों को देखा गया।
लगभग 60 ग्रामवासियों ने कार्यक्रम में बढ चढ़कर हिस्सा लिया
छत्तीसगढ़ वि. स. राज्य सह सचिव निधि सिंह एवं विज्ञान सभा कोरबा इकाई के सहसचिव वेदव्रत उपाध्याय (कमला नेहरू महाविद्यालय के साहायक प्राध्यापक ) ने न्यूटोनियन टेलिस्कोप के माध्यम से सभी को आकाशीय पिंडों को दिखाया साथ ही ग्रह नक्षत्रों के विषय में विशेष जानकारी दी
छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा कोरबा इकाई के सहसचिव अविनाश यादव (आरसी आर एस के अध्यक्ष ) ने सर्पदंश से बचाव के उपाय एवं सर्पदंश की स्थिति में तुरंत चिकित्सालय पहुंचने की सलाह दी उन्होंने यह भी बताया कि सर्पदंश के बाद झाड़ फूंक के चक्कर में न रहें चिकित्सीय सुविधा हेतु तुरन्त निकटतम चिकित्सालय पहुंचे
छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के सक्रिय सदस्य प्रकाश तेंदुलकर ने सभी को रोल प्ले के माध्यम से चंद्रग्रहण एवं सूर्यग्रहण को समझाया ।सर्वज्ञा सिंह ने सभी छात्र छात्राओं को मोबाईल एप के माध्यम से ग्रह नक्षत्रों की स्थिति देखने के सम्बन्ध में जानकारी दी । कार्यक्रम के आयोजन में ग्राम गोडमा की सरपंच श्रीमती गणेशी राठिया एवं श्री सुरेश राठिया ,केशर उमा, रंजीता का विशेष सहयोग रहा ।
छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा कोरबा इकाई के अध्यक्ष दिनेश सर,संदीप राठिया,सुमित सिंह एवं आर सी आर एस टीम के सक्रिय सदस्य प्रणय, प्रगति, निकेश ने कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया ।