संवेदना परिवार ने बांटी सुदूर बसे आदिवासियों के साथ खुशियाँ

0
125

कोरबा। संवेदना परिवार ने रविवार को कोरबा मुख्यालय से से 90 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत लेमरू के जामभाटा में निवास रत गरीब आदिवासियों के सांथ खुशियों को साझा किया। यह एक ऐसा गांव है जंहा सामान्य वाहन तो क्या पैदल जाना भी दुभर है आवागमन के लिए सुगम मार्ग नहीं होने के कारण यंहा के रहवासियों के लिए सामान्य जीवनयापन मुश्किलों भरा है। ऐसे में सवेंदना परिवार की यंहा पहुँच ने थोड़े समय के लिए ही सही लेकिन आदिवासियों के चहरे पर खुशियों की मुस्कान ला दी।
जिले के सुदूर अंचल में आज भी ग्रामीण बदहाली की जीवन जी रहे है। हलाकि समय समय पर इनके दर्द पर सरकार मरहम लगाने का काम जरूर करती है लेकिन यह नाकाफी है। सवेंदना परिवार ने लेमरू पहुंच मार्ग पर जाकर देखा तो पता चला कि जामभाटा तक गाड़ी नही जा सकती तो सदस्यों ने 3.5km का मार्ग में पैदल सफर करते हुए वंहा तक पहुँचने का निर्णय लिया। सूरज की चिलचिलाती धूप से संवेदना के सदस्यों ने वहां के लोगों की बदहाली को देखा तो आंखें नम हो गयी।संवेदना परिवार ने वहां के बच्चों के साथ केक काटा और उनको बिस्किट , क्रीमरोल, कूकीज, ब्रेड और कपड़े दिए एवं वहां की महिलाओं को नए साड़ी दिये, और मिठाई का वितरण किया।
संवेदना के प्रमुख श्रीजीत नायर, झिल्लू, नागेश, देवा, सूर्या, एवं सर्पमित्र के जीतेन्द्र सारथी, बद्री अग्रवाल, प्रवीण, एवं महिला सदस्यों में स्नेहलता, पुष्पा चौहान, रानी, नीलम, एवं अमृता आश्रम की प्रमुख अमृता उरांव भी उपस्थित रहे ।संवेदना के इस नेक कार्य के लिए आर्थिक सहयोग देने वाले सनथ सोनवानी(थाना प्रभारी), श्याम गोयल, पल्लवी , नीलम, स्नेहलता, जीतेन्द्र सारथी, चित्रेश, अमृता उरांव ने महत्वपूर्ण आर्थिक सह्योग प्रदान किया एवं गांव के महिलाओं के लिए साड़ी की व्यवस्था किशन गुप्ता द्वारा की गयी, और बच्चों के नए कपड़े नागेश चंद्रा द्वारा किया गया।