कोरबा। बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए “बच्चे रहे स्वस्थ” योजनान्तर्गत पतंजलि चिकित्सालय निहारिका में 14 सितम्बर 2020 सोमवार को पुष्य नक्षत्र में आयुर्वेदिक इम्यूनाईजेसन प्रोग्राम के तहत बच्चों को  स्वर्ण बिन्दु प्राशन ड्रॉप्स पिलाकर आयुर्वेद पद्धति से टीकाकरण किया गया। स्वर्ण प्राशन के बारे में बताते हुए संस्थान के चिकित्सक वैद्य डॉ. नागेन्द्र नारायण शर्मा ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा प्रणाली में जिस प्रकार बच्चों की सामान्य बीमारियों से बचाव हेतु तथा रोगों से लड़ने की शक्ति को बढ़ाने के लिये  वैक्सीन्स का उपयोग  किया जाता है । उसी प्रकार आयुर्वेद में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिये स्वर्ण प्राशन संस्कार किया जाता है जो कि एक प्रकार का आयुर्वेदिक इम्यूनाइजेशन है । स्वर्ण प्राशन शुद्ध स्वर्ण भस्म के साथ शहद, गोघृत, ब्राह्मी , वचा, गिलोय, अश्वगंधा, शंखपुष्पी आदि से बनी हुई दिव्य औषधि है। जो बच्चो के सम्पूर्ण शारीरिक एवं बौद्धिक विकास के लिये, लिये अमृततुल्य वरदान है। जिसे पुष्य नक्षत्र में देने से बच्चो की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के साथ साथ उनकी स्मरण शक्ति तीव्र होकर उनकी रचनात्मक एवम क्रियात्मक विकृतियां दूर होती हैं। एवं बच्चा विलक्षण प्रतिभाशाली बनता है।

स्वर्ण प्राशन संस्कार में डॉ.नागेन्द्र नारायण शर्मा के अलावा चक्रपाणि पांडेय, नेत्रनन्दन साहू, कमल धारिया, सिद्धराम साहनी, राकेश इस्पात, रोशन कुंजल एवं श्रीमती प्रतिभा शर्मा ने विशेष रूप से उपस्थित होकर अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।