नई दिल्ली। (CBSE) केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई ने कोरोना महामारी के इस दौर में विदेशी छात्रों और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत प्रदान की है। सीबीएसई ने (foreign boards students)विदेशी बोर्ड में पढ़ रहे वे छात्र, जो सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में दाखिला लेना चाहते हैं, के लिए अपने संबंधित देश के शिक्षा बोर्ड की पूर्व मंजूरी की बाध्यता खत्म कर दी है।

सीबीएसई ने अपनी अधिसूचना में कहा कि कोरोना महामारी के बाद की अवधि में, कई परिवार विभिन्न कारणों से भारत में स्थानांतरित हो रहे हैं। इसलिए, सीबीएसई ने फैसला किया है कि अब सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में प्रवेश लेने के लिए विदेशी बोर्ड के छात्रों को संबंधित बोर्ड द्वारा किसी पूर्व स्वीकृति की आवश्यकता नहीं है।

चूंकि दो अलग-अलग बोर्डों की कक्षाओं की समानता के आधार पर अन्य बोर्डों के छात्रों को प्रवेश दिया जाता है, इसलिए हर बार जब छात्र विदेशी बोर्डों से सीबीएसई में स्थानांतरित हो रहे हैं, तो वे स्कूल के माध्यम से सीबीएसई को आवेदन कर रहे हैं ताकि उन्हें समकक्षता के आधार पर नौवीं से बारहवीं कक्षा में प्रवेश आवेदन करने की मंजूरी मिल सके।

इन छात्रों और उनके परिवारों की वर्तमान परिस्थितियों और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, सीबीएसई ने फैसला किया है कि अब आगे, सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में प्रवेश लेने के लिए छात्रों को बोर्ड से इस तरह की पूर्व स्वीकृति की आवश्यकता नहीं है।

सीबीएसई की समान कक्षाओं वाले विदेशी बोर्डों के दसवीं और बारहवीं कक्षा की समकक्षता की सूची सीबीएसई वेबसाइट पर उपलब्ध है, इसके बाद, प्रवेश सीबीएसई से किसी भी अनुमोदन के बिना स्कूलों द्वारा छात्रों को प्रदान किया जा सकता है।