रायपुर ।बजट सत्र के दूसरे दिन विधानसभा में प्रश्रकाल के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वास्थ्यमंत्री टीएस सिंहदेव का न केवल नाम लिया बल्कि उनकी एक मांग का भी जिक्र किया। सिंहदेव के द्वारा ये मांग बतौर स्वास्थ्य मंत्री नहीं बल्कि कांग्रेस के विपक्ष के में रहने के दौरान बतौर नेता प्रतिपक्ष की गई थी।
ये पुरानी बातें मुख्यमंत्री (CM Baghel Mention Singh deo) ने याद दिलाई भाजपा के फायरब्रांड नेेता अजय चंद्राकर को। दरअसल मंगलवार को प्रश्रकाल की शुरुआत भाजपा के डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी के सीएम से पूछे गए सवाल को लेकर हुई।
बांधी ने मुख्यमंत्री (CM Baghel Mention Singh deo) से पूछा था कि जनवरी 2019 से दिसंबर 2020 तक जिला खनिज न्यास मद अंतर्गत मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र हेतु किन-किन विभागों द्वारा किस किस कार्य हेतु कितनी राशि का आवंटन किया गया, कार्य एजेंसी किसे बनाया गया है?
कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने इस प्रश्र का जवाब दिया तो बांधी ने इस पर असंतष्टता जताई। उन्होंने कहा कि मस्तूरी सीएचसी में एक्स रे मशीन संचालित नहीं हो रही है। पातालेश्वर में हॉस्टल जर्जर अवस्था में है। सिर्फ सप्लाई का खेल चल रहा है।
ऐसे हुआ सीएम व चंद्राकर का आमना-सामना
बांधी की इस बात पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि हॉस्टल के लिए अधिक राशि की जरूरत होगी तो वह भी सभी की सहमति से उपलब्ध कराई जाएगी। 20 की जगह 40 फीसदी राशि दी जाएगी। इस पर चंद्राकर ने मुख्यमंत्री से सवाल कर दिया कि क्या डीएमएफ निधि इस्तेमाल के लिए बनाई गई समिति में जनप्रतिनिधियों की कोई भूमिका है। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि हां, बिल्कुल है। आपके राज में तो कलेक्टर को अधिकार दे दिए गए थे। लेकिन हमने तो समिति में पंचायत स्तर को भी 10 फीसदी प्रतिनिधित्व दिया है।
…और सिंहदेव ने भी भरी सीएम की बात पर हामी
चंद्राकर ने सीएम से फिर कहा ऐसा होता नहीं दिख रहा है। दो साल से समिति में मेरी एक भी अनशंसा पर विचार नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने भी पूरानी बात याद दिलाते हुए दो टूक कह दिया- आप तो हमारी बात तक नहीं मानते थे।
स्वास्थ्यमंत्री की ओर इशारा करते हुए बघेल ने कहा कि सिंहदेवजी ने नेता प्रतिपक्ष के रूप में डीएमएफ के लिए बनाई जाने वाली समिति में जनप्रतिनिधियों को शामिल किए जाने की मांग की थी, लेकिन तब इसे नहीं माना गया। मुख्यमंत्री की इस बात पर सिंहदेव भी हामी भरते हुए नजर आए। मंगलवार को सत्र शुरू होने से पहले भी सदन में सदस्यों के बीच अनौपचारिक चर्चा में मुख्यमंत्री बघेल व स्वास्थ्यमंत्री गुफ्तगू करते नजर आए।