CM भूपेश बघेल का जोगी रार या प्यार … ये पब्लिक है सब जानती …

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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और जोगी परिवार का आमना सामना कलेक्ट्रेट के नामांकन के दौरान हुआ और वहाँ जो हुआ और जिस तरह से CM भूपेश बघेल ने पत्रकारों के सवालों का जवाब मुस्कुराते हुए ब्यौरा दिया है, वह इतना सारगर्भित है कि आप मुस्कुरा भी सकते हैं और गंभीर भी हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मरवाही उप चुनाव के नामांकन में शामिल होने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुँचे थे, जिस समय वे कलेक्ट्रेट पहुँचे, अमित जोगी अपनी माँ रेणु जोगी और पत्नी ऋचा जोगी के साथ मौजुद थे।
ज़ाहिर है भीतर आमना सामना हुआ तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जब बाहर आए तो प्रतिनिधि ने उनसे पूछा
“मुख्यमंत्री जी, मुलाक़ात हुई .. क्या बात हुई”
प्रश्न को झट से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने समझा और फिर मुस्कुराते हुए कहा –
“भीतर यह हुआ कि.. अमित और ऋचा खड़े हो रहे थे.. मैंने बैठा दिया.. भाभी को प्रणाम किया है”
यूँ यह बात बहुत ही सरल शब्दों में कही गई है लेकिन इसके सियासती मायने क्या हैं.. और इन शब्दों के दूरगामी क्या मायने हैं यह समझ पाना कतई मुश्किल नहीं है।पत्रकारों के सवाल पर”…मुख्यमंत्री जी.. मरवाही फिर त्रिकोणीय मुक़ाबला देखेगी क्या”गहरी मुस्कुराहट के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा” नामांकन के बाद स्कूटनी की प्रक्रिया होती है,यह काम निर्वाचन का है, स्कूटनी के बाद तय हो जाएगा कि कितने कोणीय मुक़ाबला होना है”इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री बघेल ने जोड़ा”अभी नामांकन की प्रक्रिया की जारी है.. तीन बजे तक नामांकन होंगे.. पता नहीं कितनों ने नामांकन दाखिल किया है”राजनीति का सबसे शानदार सबक देने वाले ग्रंथ महाभारत में जबकि लाक्षागृह का संदर्भ आता है यह ज़िक्र मिलता है कि,विदुर ने जिस कूट भाषा में युद्धिष्ठिर को समझाईश दी, वह भाषा विदुर भाषा कहलाई। नीति मर्मज्ञ विदुर ने महाभारत में कई जगहों पर कूट भाषा में ही बातें कहीं है।प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ग्रंथों के पाठक और प्रेमी हैं। जीपीएम कलेक्ट्रेट के मैदान में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जो कहा है, सियासत के छात्रों को समझ आ गया होगा कि आख़िर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जो कहा उसके मायने क्या हैं ?