कोरबा।लॉक डाउन में अनाज वितरण करने का दावा करने वाली फिनोलेक्स कम्पनी असल में सीएसआर के बहाने देश के अलग अलग राज्यों में ब्रांडिंग करने में जुटी है। कोरबा के बीहड़ वनांचल क्षेत्र के आदिवासी की याद आखिर एकाएक फिनोलेक्स कमनी को कैसे आ गई यह बड़ा सवाल है !
पीवीसी पाइप बनने वाली फिनोलेक्स कम्पनी ने समुदायिक विकास के तहत लायंस क्लब के माध्यम से कोरबा जिले के आदिवासी परिवारों को पानी रखने के लिए स्टील का बर्तन  , कम्बल सहित जीवन उपयगी सामान वितरण करने की बात कहते हुए प्रेस वार्ता आयोजित की। जिसमे फिनोलेक्स कम्पनी के रीजिनल मैनेजर अजय नारंग , फिनोलेक्स कम्पनी के ड्रिस्टीब्यूटर कैलाश अग्रवाल सहित लायंस क्लब के पदधिकारी मंच पर उपस्थित रहे। इस दौरान कम्पनी के रीजिनल मैनेजर ने कहा कि हमरी कम्पनी गरीब आदिवासियों के लिए जीवन उपयोगी सामान वितरण करेगी।प्रेस वार्ता के दौरान कई तरह की बाते उभर कर आई जिसमे कम्पनी का स्वार्थ स्पष्ट परिलक्षित हो रहा था। दरअसल घर-घर नल कनेक्शन वाली अमृत मिशन योजना के ठीक बाद गांवों में भी हर परिवार को पेयजल पहुंचाने की कवायद शुरू हो रही है । इस बात की जानकारी कम्पनी के प्रबंधन को है और अपना पाइप का उपयोग कराने के लिए एक अलग तरह की ब्रांडिंग की जा रही है। जिससे लोकस्वाथ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकांश पाइपों की आपूर्ति फिनोलेक्स कम्पनी कर सके।