रायपुर : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने एक मीडिया रिपोर्ट को अपने शेयर करते हुए यह कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल को अब निजी हाथों में देने की तैयारी है। रमन सिंह ने कहा कि सरकार के खाने के दांत अलग हैं और दिखाने के अलग, एक तरफ तो यह सरकार नगरनार प्लांट के निजीकरण का विरोध कर रही है, तो वहीं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल को निजी हाथों में देने की तैयारी है। कांग्रेस पार्टी से सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार का यह कैसा दोहरा मापदंड है।

मुख्यमंत्री का जवाब
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि ऐसा कोई भी फैसला सरकार नहीं लिया है। जिसने यह शिगूफा छोड़ा है यह उसके विचार हो सकते हैं। यह पूरी तरह से गलत बात है। मामला तूल पकड़ता देख छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के चेयरमैन अंकित आनंद ने भी एक जानकारी जारी की। अंकित आनंद ने कहा ऐसी कंपनियों के निजीकरण जैसा कोई भी प्रस्ताव राज्य सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। कंपनी के निजीकरण की खबरें भ्रामक हैं।

इसलिए उठा विवाद
बलौदा बाजार में बिजली की पूरी व्यवस्था किसी कंपनी को सौंपे जाने की खबर मीडिया में आई थी। इस पर अंकित आनंद ने कहा कि प्रदेश के किसी भी क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था संबंधी कार्यों को फ्रेंचाइजी (निजी हाथों) पर देने के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। राज्य के 56 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को अपनी सेवाएं पॉवर कंपनीज द्वारा दी जा रही हैं। प्रदेश के बलौदा बाजार क्षेत्र में मीटर रीडिंग, बिलिंग और राजस्व वसूली का जिम्मा निजी एजेंसी को देने की तैयारी के संबंध में खबरें पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।