नई दिल्ली। G20 Summit: भारत अगले महीने दिल्ली में जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए तैयार है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत विश्व के शीर्ष नेताओं के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के मद्देनजर विदेशी प्रतिनिधियों के आराम से ठहरने के लिए दिल्ली और एनसीआर के 35 होटलों में करीब 3,500 कमरे बुक किए गए हैं।

दिल्ली में 8, 9 और 10 सितंबर को होने वाला 18वां जी-20 राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों का शिखर सम्मेलन मंत्रियों के बीच साल भर होने वाली सभी जी-20 प्रक्रियाओं और बैठकों का समापन होगा। इसको लेकर दिल्ली एनसीआर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जी 20 समिट के दौरान दिल्ली किले में तब्दील रहेगी।

0.किसके कहां ठहरने के किए इंतजाम

शीर्ष सूत्रों के अनुसार भारत की अपनी पहली यात्रा पर आ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के आईटीसी मौर्या में ठहरने की संभावना है, जबकि चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के ताज पैलेस में ठहरने की संभावना है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस होटल में बाइडन ठहरेंगे, उसकी हर फ्लोर पर ‘अमेरिकन सीक्रेट सर्विस’ के एजेंट मौजूद रहेंगे। इसके अलावा, ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के नई दिल्ली के शांगरी-ला इरोस होटल में रुकने की संभावना है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों क्लेरिजेस होटल में रुक सकते हैं।

इंपीरियल होटल ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ की मेजबानी कर सकता है, जबकि ताज मान सिंह संयुक्त अरब अमीरात के गणमान्य व्यक्तियों की मेजबानी करेगा। सऊदी अरब के गणमान्य व्यक्ति लीला में रुकेंगे। सूत्रों ने कहा कि ली मेरिडियन विभिन्न संगठनों की मेजबानी करेगा। विश्व के शीर्ष नेताओं के स्वागत की तैयारियों के लिए अमेरिका, ब्रिटेन और चीन सहित अन्य देशों की अग्रिम संपर्क टीमें पहले ही भारत आ चुकी हैं।

0.कौन आ रहा है जी20 शिखर सम्मेलन में

भारत G20 देशों और गैर-G20 सदस्य देशों में – बांग्लादेश, मिस्र, मॉरीशस, नीदरलैंड, नाइजीरिया, ओमान, सिंगापुर, स्पेन और संयुक्त अरब अमीरात से विश्व नेताओं और उनके जीवनसाथियों को अतिथि के रूप में आमंत्रित करने की उम्मीद कर रहा है।

ग्रुप ऑफ ट्ववेंटी (जी20) में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ शामिल हैं।

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