रायपुर ।बिलासपुर एसपी रहे IPS राहुल शर्मा सुसाइड मामले की राज्य सरकार ने आदेश दिये हैं। मार्च 2012 में बिलासपुर एसपी रहते 2002 बैच के IPS राहुल शर्मा ने खुद को गोली मार ली थी। इस घटना ने पूरे देश में हड़कंप मचा दी थी। इस खुदकुशी की घटना को लेकर जब सवाल उठने लगे तो तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह ने इसकी सीबीआई जांच की अनुशंसा की थी। इस प्रकरण में सीबीआई जांच में कुछ बाहर नहीं आ पाया।
भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री बनने के बाद इस प्रकरण की दोबारा से जांच की मांग शुरू हुई थी। कई संगठनों व कांग्रेस से जुड़े लोगों ने इस प्रकरण की फिर से जांच की मांग की थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने IPS सुसाइड केस की जांच के लिए DG संजय पिल्लै की अगुवाई में 5 सदस्यीय सीनियर अफसरों की टीम बना दी है ।
IPS संजय पिल्लै इस जांच कमेटी के चेयरमैन होंगे, वहीं आईजी दीपांशु काबरा, आईजी आरएल डांगी, एसपी प्रशांत अग्रवाल और एएसपी अर्चना झा इस कमेटी के सदस्य होंगे। आपको बता दें कि मार्च 2012 में बिलासपुर के तत्कालीन एसपी रहते पुलिस मेस में गोली मार ली थी। उस दौरान मिले सुसाइड लेटर में एक सीनियर आईपीएस और ज्यूडिशयरी से जुड़े एक बड़े नाम सामने आये थे।
12 मार्च को मृत मिले थे IPS राहुल
बिलासपुर के तत्कालीन एसपी राहुल शर्मा ने 12 मार्च 2020 को आत्महत्या कर ली थी. उनका शव दोपहर ऑफिसर्स मेस में पाया गया था. पुलिस के अधिकारियों के अनुसार वे हाल ही में अवकाश से लौटे थे। ऑफिसर्स मेस में रह रहे राहुल शर्मा को सुबह उनके गनमैन ने नाश्ते के लिये पूछा तो उन्होंने बाद में नाश्ता करने के लिये कहा. दोपहर में भोजन के समय जब गनमैन उनके कमरे में पहुंचा तो उनका शव पड़ा हुआ था. आनन-फानन में उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई. इसके बाद उनका शव छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान में पोस्टमॉर्टम के लिये ले जाया गया. पुलिस का कहना है कि उन्होंने अपने सर्विस रिवाल्वर से अपने सर में गोली मार ली थी।
राज्यपाल के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी के रुप में काम कर चुके राहुल शर्मा ने नक्सल प्रभावित बस्तर में भी कुछ सालों तक अपनी सेवाएं दी थीं. इस साल 6 जनवरी को राहुल शर्मा का तबादला बिलासपुर में हुआ था.