नई दिल्ली। KBC Winner Financial Mismanagement : अंग्रेजी में कहावत है- अ पेनी इज सेव्ड इज पेनी अर्न्ड। इसका अर्थ है एक पैसा बचाना ही एक पैसा कमाना है। इसे ऐसे भी कहा जाता है कि आप चाहे कितना भी कमा लो यदि बचा नहीं सकते तो आपके पास कुछ नहीं होगा। यह कहावत चरितार्थ होती दिख रही है केबीसी में पांच करोड़ जीतने वाले सुशील कुमार के मामले में।
सुशील कुमार केबीसी (kbc winner financial mismanagement) में 5 करोड़ की राशि जीतने वाले पहले स्पर्धक थे। लेकिन इतनी बड़ी रकम वे संभाल नहीं सके। कुछ दिन पहले सुशील कुमार ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर अपनी भावनाएं व्यक्त की थी। इतना पैसा आने के बाद वे शराब व सिगरेट के आदी हो गए।इसके बाद कई लोगों ने उन्हें फंसाया।
आईएएस की तैयारी करने वाले सुशील ने अपनी पोस्ट में लिखा- केबीसी में जीत के बाद सेलेब्रिटी होने के कारण उन्हें बिहार में हर 15 दिन में किसी न किसी कार्यक्रम का निमंत्रण मिलता था। जिसके कारण उनकी पढ़ाई पिछड़ गई।
उस समय मीडिया को गंभीरता से लेता था। उस समय मीडिया द्वारा मुझे बार-बार पूछा जाता था कि आप क्या कर रहे हैं। उस समय में किसी न किसी व्यवसाय में बिना अनुभव के ही पैसे लगा रहा था। नतीजा ये हुआ कि कुछ ही दिनों में व्यवसाय घाटे में जाता था। केबीसी के बाद मैं दानी भी हो गया था। गुप्त दान किया करता था। हर माह करीब 50 हजार रुपए इस काम पर खर्च होते थे। कुछ मवाली लोगों की संगत में भी पड़ गया, जिन्होंने मुझ खूब फंसाया। यह बात मुझे दान करने के बाद समझ में आया।