कोरबा। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा अनुविभाग के एसडीओ के दफ्तर में ताला लटका रहता है। इससे निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार हलाकान हो रहे है। कोरोना काल में कार्य पूर्ण होने के बाद भी साल भर बाद भी भुगतान नहीं होपा रहा है। ठेकेदार जैसे तैसे उपअभियंता से मूल्याङ्कन तो करा ले रहे है लेकिन सत्यापन के लिए एसडीओ कार्यालय के चक्कर काटने मजबूर है।
कोरबा के सब डिवीजन के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्य का निर्धारित समयावधि में सत्यापन नही हो रहा है। जिसकी वजह से ग्रामीण अंचलो में चल रहे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे है। ग्रामीण अंचल में निर्माणाधीन नए भवन भी खंडहर मे तब्दील हो रहे है। इसी तरह ग्राम पंचायतो में चल रहे निर्माण कार्य का भी यही हाला है। जानकारी के मुताबिक निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद भी सत्यापन के लिए अनुविभाग कोरबा के एसडीओ एच एन सिंह का महीनो चक्कर लगाना पड़ता है तब जाकर सत्यापन होता है। वही कार्यालय में सप्ताह के सभी कार्यालीन दिवस में ताला लगा रहता है। जिससे उनसे मिलने के लिए भी कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है।गौरतलब है कि कोरोनाकाल में ठेकेदारों की आर्थिक स्थिति ख़राब है और ऊपर से एसडीओ की कार्यशैली से ठेकेदार व सरपंच परेशां हो चुके है और एक बार फिर एच एन सिंह को हटने की मांग उठने लगी है।
सरपंच संघ के अध्यक्ष कुल सिंह कंवर ने बताया कि ग्राम पंचायत में चल रहे निर्माण कार्य का सत्यापन समय पर नही होने से खंडहर में तब्दील हो रही है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य का सत्यापन आरईएस के एसडीओ एच एन सिंग से करना यानी किसी प्रोजेक्ट में कामयाबी मिलने से कम नही है। एक तो ग्रामीण यांत्रिकी सेवा अनुविभाग के कार्यालय में बैठते नही और उनका फोन भी नाट रीचेबल रहता है। उनके कार्यप्रणाली सरपंच तंग आ चुके है और उसे हटाने की मांग उठने लगी है।