एजेंसी।UPSC की तैयारी कर रहे कैंडिडेट्स को कई बार असफलता हाथ लगती है। कई बार इससे कुछ कैंडिडेट्स काफी परेशान भी हो जाते हैं। ऐसे सभी कैंडिडेट्स के लिए 2018 बैच की IPS अधिकारी अंकिता शर्मा ने स्पेशल नोट लिखा है। अंकिता ने अपना नोट ट्विटर पर शेयर करते हुए कहा कि असफल हुए बिना कभी कोई कामयाब नहीं हो सकता। इसलिए हौसला बनाए रखें।
अंकिता शर्मा ने इन नोट्स को शेयर करते हुए ट्विटर पर लिखा, ‘उन सभी कैंडिडेट्स के लिए जिन्होंने फाइट करने का फैसला किया है। लेकिन असफल होने से डरते हैं। सभी यूपीएससी कैंडिडेट्स के लिए जिन्होंने एग्जाम देने का फैसला किया है और आगे भविष्य में देश की सेवा करना चाहते हैं। ऐसे सभी कैंडिडेट्स के लिए छोटा सा मैसेज क्योंकि आप सब मुझे मैसेज करते रहते हो अक्सर।’
अंकिता शर्मा ने लिखा, ‘अपनी असफलता से कभी भी निराश नहीं होना चाहिए। ऐसा कोई व्यक्ति नहीं हो जिसने असफल हुए बिना सफलता हासिल की हो। हर व्यक्ति कभी एक जगह नहीं रह सकता। उसकी जगह बदलती रहती है। ये सुनने में थोड़ा अटपटा जरूर लग सकता है, लेकिन सत्य है। सभी लोगों ने नीचे आने के बाद ही ऊपर उठना सीखा था।’
UPSC की तैयारी कर रहे कैंडिडेट्स को कई बार असफलता हाथ लगती है। कई बार इससे कुछ कैंडिडेट्स काफी परेशान भी हो जाते हैं। ऐसे सभी कैंडिडेट्स के लिए 2018 बैच की IPS अधिकारी अंकिता शर्मा ने स्पेशल नोट लिखा है। अंकिता ने अपना नोट ट्विटर पर शेयर करते हुए कहा कि असफल हुए बिना कभी कोई कामयाब नहीं हो सकता। इसलिए हौसला बनाए रखें।

अंकिता शर्मा ने इन नोट्स को शेयर करते हुए ट्विटर पर लिखा, ‘उन सभी कैंडिडेट्स के लिए जिन्होंने फाइट करने का फैसला किया है। लेकिन असफल होने से डरते हैं। सभी यूपीएससी कैंडिडेट्स के लिए जिन्होंने एग्जाम देने का फैसला किया है और आगे भविष्य में देश की सेवा करना चाहते हैं।
अंकिता शर्मा ने लिखा, ‘अपनी असफलता से कभी भी निराश नहीं होना चाहिए। ऐसा कोई व्यक्ति नहीं हो जिसने असफल हुए बिना सफलता हासिल की हो। हर व्यक्ति कभी एक जगह नहीं रह सकता। उसकी जगह बदलती रहती है। ये सुनने में थोड़ा अटपटा जरूर लग सकता है, लेकिन सत्य है। सभी लोगों ने नीचे आने के बाद ही ऊपर उठना सीखा था।’

अंकिता कहती हैं, ‘अगर आप अपने असफल होने से बहुत ज्यादा निराश हो जाते हो तो महान लोगों की आत्मकथा पढ़िए और अपने दिल को समझाइए। क्योंकि आप अकेले नहीं हैं जो असफल हुए हैं। हम सभी असफल हुए हैं। हम सभी होंगे। अंत में, कभी भी अपने दिमाग में सफलता और असफलता कुछ भी नहीं आने दीजिए क्योंकि ये कभी परमानेंट नहीं होती। अपने ऊपर पूरा विश्वास रखिए कभी भी अपना विश्वास मत खोइए।’

हिंदी में एग्जाम देकर बने IAS अधिकारी: साल 2017 में UPSC एग्जाम में 69 रैंक हासिल करने वाले अभिषेक शर्मा ने बताया था कि सेल्फ-स्टडी बहुत मायने रखती है। कई बार कैंडिडेट्स ज्यादा ध्यान ट्यूशन पर देते हैं। जिससे आप सिलेबस आसानी से समझ सकते हैं, लेकिन इससे ज्यादा जरूरी आपको खुद इसकी पढ़ाई करनी होती है।
अंकिता कहती हैं, ‘अगर आप अपने असफल होने से बहुत ज्यादा निराश हो जाते हो तो महान लोगों की आत्मकथा पढ़िए और अपने दिल को समझाइए। क्योंकि आप अकेले नहीं हैं जो असफल हुए हैं। हम सभी असफल हुए हैं। हम सभी होंगे। अंत में, कभी भी अपने दिमाग में सफलता और असफलता कुछ भी नहीं आने दीजिए क्योंकि ये कभी परमानेंट नहीं होती। अपने ऊपर पूरा विश्वास रखिए कभी भी अपना विश्वास मत खोइए।’
हिंदी में एग्जाम देकर बने IAS अधिकारी: साल 2017 में UPSC एग्जाम में 69 रैंक हासिल करने वाले अभिषेक शर्मा ने बताया था कि सेल्फ-स्टडी बहुत मायने रखती है। कई बार कैंडिडेट्स ज्यादा ध्यान ट्यूशन पर देते हैं। जिससे आप सिलेबस आसानी से समझ सकते हैं, लेकिन इससे ज्यादा जरूरी आपको खुद इसकी पढ़ाई करनी होती है।