अवैध खनन पर खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई, कई वाहन–मशीनें जब्त

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The Duniyadari : बिलासपुर। जिले में लगातार बढ़ रही अवैध खनन गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए खनिज विभाग ने रविवार देर रात से सोमवार सुबह तक व्यापक अभियान चलाया। सीपत, कोनी और कोटा क्षेत्र में एक साथ कार्रवाई करते हुए विभागीय टीमों ने 4 हाइवा, 4 ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक चैन माउंटेन मशीन को जब्त किया। इस सख्त कदम से पूरे अवैध खनन नेटवर्क में खलबली मच गई है।

रातभर दबिश, कई वाहन पकड़े गए

विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ इलाकों में रात के समय मिट्टी, रेत और अन्य खनिजों की बड़े पैमाने पर चोरी की जा रही है। सूचना की पुष्टि होने पर कई टीमों को एक साथ रवाना किया गया।

  • सीपत क्षेत्र में छापेमारी के दौरान बिना अनुमति चल रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़े गए। चालक मौके से फरार हो गए, जिन्हें खोजा जा रहा है।
  • कोटा और कोनी थाना क्षेत्र में चार हाइवा वाहन रोके गए, जो बिना रॉयल्टी पर्ची के खनिज परिवहन कर रहे थे। आवश्यक दस्तावेज न मिलने पर सभी वाहनों को सीज कर दिया गया।

सरकारी खदान में भारी मशीन पकड़ी गई

सबसे बड़ी कार्रवाई सरकारी खदान क्षेत्र में की गई, जहां एक चैन माउंटेन मशीन अवैध खुदाई करते हुए पाई गई। ऑपरेटर भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन टीम ने पकड़कर मशीन को अपने कब्जे में ले लिया। अधिकारियों के अनुसार, यह मशीन बड़े पैमाने पर अवैध खुदाई में उपयोग की जा रही थी, जिससे पर्यावरण और राजस्व दोनों को नुकसान पहुंच रहा था।

कड़े प्रकरण दर्ज, आगे और कार्रवाई की तैयारी

खनिज विभाग ने सभी वाहन मालिकों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ अवैध खनन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। रॉयल्टी चोरी और अन्य धाराओं में भी कार्रवाई की तैयारी हो रही है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन से न सिर्फ सरकारी हानि होती है, बल्कि

  • नदी तटों का क्षरण,
  • जलस्रोतों को खतरा,
  • भूजल स्तर में गिरावट,
    जैसे गंभीर प्रभाव सामने आते हैं।

इस कार्रवाई के बाद कई इलाकों में देर रात चलने वाली मशीनें बंद कर दी गई हैं और खनन माफियाओं में दहशत फैल गई है।

जिला प्रशासन की चेतावनी

जिला प्रशासन ने खनिज विभाग की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा है कि इसी तरह की संयुक्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। साथ ही आम नागरिकों से आग्रह किया गया है कि कहीं भी अवैध उत्खनन दिखे तो तुरंत सूचना दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।