The Duniyadari: गंडई क्षेत्र में सस्ते मुनाफे के लिए चल रहे अवैध पैक्ड पेयजल कारोबार पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्ती दिखाई है। 22 मार्च 2026 को खैरागढ़ की टीम ने मेसर्स शिव जल इंडस्ट्रीज में अचानक निरीक्षण किया, जहां बड़ी अनियमितताएं सामने आईं। जांच के दौरान बिना बैच नंबर के करीब 80 बोरी पानी पाउच मिले, जिन्हें मौके पर ही सीज कर दिया गया। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 1,760 रुपये बताई गई है।
अधिकारियों के अनुसार, बरामद पाउच ‘सुहीनी’ ब्रांड के 250 मिलीलीटर पैक थे। गुणवत्ता की जांच के लिए सैंपल लेकर लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच टीम ने बताया कि पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर के लिए देश में स्पष्ट नियम तय हैं, जिनमें लाइसेंस, लेबलिंग और गुणवत्ता परीक्षण अनिवार्य है। इसके बावजूद क्षेत्र में कई छोटी इकाइयां नियमों की अनदेखी कर असुरक्षित पानी का उत्पादन कर रही हैं, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बिना जांच और मानकों के तैयार पानी में बैक्टीरिया और हानिकारक तत्व हो सकते हैं, जिससे पेट संबंधी संक्रमण, उल्टी-दस्त, टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को केवल प्रमाणित और लाइसेंस प्राप्त पैक्ड पानी ही इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने साफ किया है कि इस तरह की जांच आगे भी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों ने भी इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे निरीक्षण से बाजार में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।















