The Duniyadari: कोरबा, 09 मार्च। शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति जानने निकले कलेक्टर कुणाल दुदावत का लेमरू गांव में एक आत्मीय और दिलचस्प दृश्य देखने को मिला। सड़क किनारे स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर नजर पड़ते ही उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवाई और अचानक केंद्र के भीतर पहुंच गए।
अचानक पहुंचे इस अपरिचित व्यक्ति को देखकर आंगनबाड़ी में मौजूद छोटे-छोटे बच्चे और कार्यकर्ता कुछ क्षणों के लिए चौंक गए। बच्चों के चेहरों पर कौतूहल था और कमरे में कुछ पल के लिए सन्नाटा छा गया। बच्चों की झिझक को समझते हुए कलेक्टर दुदावत ने मुस्कुराते हुए उनसे पूछा, “बताओ, आप में से कौन A-B-C-D सुनाएगा?” पहले तो कोई बच्चा कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं हुआ।
इसी बीच एक बच्चे ने धीरे से कहा कि उसे सब आता है। कलेक्टर ने उसे प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अगर आता है तो सुनाओ, लेकिन बच्चा संकोच में बस यही दोहराता रहा कि उसे सब पता है। तब कलेक्टर ने मुस्कुराते हुए बच्चों से कहा कि जो बच्चा A-B-C-D सुनाएगा, उसे टॉफी दी जाएगी। इतना सुनते ही एक बच्चे ने आत्मविश्वास के साथ पूरी एबीसीडी सुना दी।
बच्चे की इस कोशिश पर कलेक्टर ने “वेरी गुड” कहते हुए सभी बच्चों से तालियां बजवाई और खुद भी तालियां बजाईं। कलेक्टर को मुस्कुराते और ताली बजाते देख बच्चों की झिझक दूर हो गई और उनके चेहरों पर भी मुस्कान लौट आई। इसके बाद उन्होंने बच्चों से रंगों के नाम भी पूछे और सही जवाब देने वाले बच्चों को टॉफी देकर प्रोत्साहित किया। साथ ही अन्य बच्चों को भी मन लगाकर पढ़ाई करने और नई चीजें सीखने के लिए प्रेरित किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने आंगनबाड़ी में बच्चों को सिखाई जा रही आदतों, अक्षर ज्ञान, रंगों की पहचान और खेलकूद से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को दिए जा रहे पोषण आहार के बारे में भी पूछताछ की। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मुक्तिलता कुजूर से बच्चों के ग्रोथ चार्ट और पोषण ट्रैकर में दर्ज जानकारी की समीक्षा की गई तथा कुछ बच्चों का वजन भी कराया गया।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि केंद्र में दर्ज सभी बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, आंगनबाड़ी समय पर खुले और निर्धारित मीनू के अनुसार बच्चों को नियमित रूप से पोषण आहार दिया जाए। साथ ही बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर विशेष ध्यान देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने शिशुवती और गर्भवती महिलाओं की जानकारी नियमित रूप से दर्ज रखने और उन्हें पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराने के लिए भी कहा।
दौरे के दौरान कलेक्टर ने लेमरू में डीएमएफ मद से निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने आरईएस, जनपद सीईओ और ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। कलेक्टर ने एक माह के भीतर सभी अधूरे कार्य पूर्ण करने तथा नए शैक्षणिक सत्र से नए भवन में आंगनबाड़ी का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
































