The Duniyadari: 8 नवंबर को अमावस्या पर दीपोत्सव का पर्व, जानिए पूजा का सही तरीका, शुभ समय और मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के धार्मिक उपाय
रोशनी, खुशियों और समृद्धि का प्रतीक दीपावली का पर्व आज 8 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन घरों और प्रतिष्ठानों में मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दीपावली की शाम विधि-विधान से लक्ष्मी पूजन करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार जगदलपुर में दीपावली पर मां लक्ष्मी की पूजा के लिए शाम 5:51 बजे से रात 7:50 बजे तक का समय शुभ बताया गया है। यह मुहूर्त प्रदोष काल और वृषभ लग्न के आधार पर निर्धारित किया गया है।
कैसे करें मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा?
दीपावली के दिन सुबह घर की अच्छी तरह साफ-सफाई कर मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं। शाम को पूजा स्थल पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद पूजा की शुरुआत दीप प्रज्वलित करके करें।
सबसे पहले भगवान गणेश का स्मरण करें और फिर मां लक्ष्मी को रोली, अक्षत, फूल, माला, फल, मिठाई और कमल का फूल अर्पित करें। इसके बाद धूप-दीप जलाकर लक्ष्मी चालीसा और गणेश जी की आरती करें। पूजा के अंत में परिवार के सभी सदस्यों के साथ आरती करें और सुख-समृद्धि की कामना करें।
पूजा के लिए कौन-कौन सी सामग्री रखें?
- मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा
- रोली, अक्षत और हल्दी
- फूल, माला और कमल का फूल
- धूप, दीपक और घी
- कलश और नारियल
- फल, मिठाई और बताशे
- पूजा की थाली और कपूर
- नए वस्त्र और लाल कपड़ा
दीपावली पर इन बातों का रखें विशेष ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दीपावली की रात घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है। घर को साफ-सुथरा रखें और पूजा के दौरान मन में सकारात्मक भाव बनाए रखें। जरूरतमंद लोगों को भोजन या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करना भी पुण्यदायी माना गया है। पटाखे जलाते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
दीपावली का संदेश केवल घरों को रोशन करना नहीं, बल्कि जीवन से अंधकार, नकारात्मकता और निराशा को दूर कर खुशियों का प्रकाश फैलाना भी है।
नोट: पूजा मुहूर्त शहर के अनुसार बदल सकता है। ऊपर दिया गया समय जगदलपुर के पंचांग पर आधारित है।



















