The Duniyadari : रायपुर। बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की भारी जीत का असर छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी साफ दिखाई दिया। शुक्रवार सुबह कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मंत्रियों ने एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर जीत का जश्न मनाया। नेताओं ने बिहार में भाजपा के प्रदर्शन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह संगठन और कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है।

भाजपा कार्यालय में उमड़ा उत्साह
रायपुर के एकात्म परिसर में चुनाव नतीजे आते ही पार्टी कार्यकर्ता ढोल-ताशों की थाप पर नाचते दिखे। आतिशबाज़ी और जयकारों के बीच नेताओं ने मिठाई बांटकर खुशी साझा की।

यह भी बताया गया कि बिहार चुनाव में छत्तीसगढ़ भाजपा की सक्रिय भूमिका रही—राज्य के दो उपमुख्यमंत्री, कई सांसद, विधायक और पदाधिकारियों को विभिन्न सीटों पर प्रचार और बूथ प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी योगदान को देखते हुए स्थानीय कार्यकर्ताओं की खुशी दोगुनी नजर आई।
कांग्रेस मुख्यालय में मायूसी
दूसरी ओर, कांग्रेस भवन राजीव भवन में पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। पार्टी नेताओं ने कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन संचार विभाग के अध्यक्ष सुनील आनंद शुक्ला ने वीडियो संदेश जारी कर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए।
उनका कहना था कि “चुनाव आयोग सत्तापक्ष के साथ खड़ा दिखा। महिलाओं के खातों में पैसे ट्रांसफर कर नैतिक आचार संहिता का उल्लंघन हुआ और एसआईआर प्रक्रिया के जरिए लाखों वोट हटाए गए।”
उन्होंने इस परिणाम को लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए इसकी जांच की मांग भी की।
छत्तीसगढ़ में बिहार के नतीजों ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है, और अगले कुछ दिनों में दोनों दलों की रणनीतियों में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
































