Saturday, March 7, 2026
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कटघोरा के कटघरे में अमित जोगी की नई पटकथा से रचा जाएगा नया इतिहास

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✍️ नरेन्द्र मेहता, कोरबा

कोरबा:सियासत के खेल को समझना हर किसी के वश की बात नहीं हैं.क्योंकि जो दृश्य इस खेल में दिखता हैं वह वास्तविकता से काफी अलग होता हैं. कटघोरा विधानसभा में कुछ ऐसा ही दृश्य नजर आता हैं. जो धरातल पर नहीं हैं.
कटघोरा सीट के लिए ऐसी ही पठकथा लिखे जाने की तैयारी में तीन अलग अलग पार्टी के लोग एक साथ बैठ कर दूसरे के कंधे में बंदूक रख कर चलाने की फिराक में हैं.
दरअसल कटघोरा विधानसभा सीट से कांग्रेस से पुरुषोत्तम कंवर और भाजपा से प्रेमचंद पटेल को प्रत्याशी बनाये जाने के बाद यहां उठा पटक की तैयारी में तीन दल के नेता लगे हुए हैं.इनकी मंशा हैं कि छतीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र व जनता कांग्रेस जोगी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी यहां से चुनाव लड़े.अमित चुनाव लड़ते हैं तो निश्चित ही मुकाबला त्रिकोणी औऱ काफी दिलचस्प हो जायेगा इसमें कोई दो मत नहीं हैं. किन्तु यह सीट जनता कांग्रेस जोगी जीत जायेगी यह कहना अपने आप मे जल्दबाजी होगी.
2018 विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस जोगी को मिले वोट को आधार बनाकर यदि बात करे तो त्रिकोणी मुकाबले में जोगी कांग्रेस कटघोरा में तीसरे नम्बर पर थी.पार्टी प्रत्याशी गोविंद सिंह राजपूत को करीब 30,509 वोट मिले यह आंकड़ा निश्चित ही चौकाने वाला लगता हैं।इस चुनाव में कांग्रेस के पुरुषोत्तम कंवर विजयी हुए औऱ उन्हें करीब 59,227 वोट तो भाजपा प्रत्याशी लखनलाल देवांगन को 47,716 वोट मिले। गोविंद सिंह राजपूत को मिले वोटो में करीब 12 हजार वोट उनके व्यक्तिगत वोट थे. राजपूत अपनी साफ सुथरी छबि के कारण दो बार जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी अपने दम पर जीते थे.इसलिए दो क्षेत्रों में उनका दबदबा बरकरार था जिसका फायदा उन्हें विधानसभा चुनाव में मिला.शेष करीब 10 हजार वोट में जनता कांग्रेस के कहे जा सकते हैं और करीब 8 हजार वोट में कांग्रेस-भाजपा से रुष्ट लोग,क्रिश्चियन, मुस्लिम और एसटी के शामिल माने जा सकते हैं. इस वोट के गणित को शार्प मांइड अमित जोगी भलीभांति समझते हैं और उन्हें यह भी पता है कि जनता कांग्रेस के काफी कार्यकर्ता इधर उधर हो चुके हैं. जिन्हें फिर से चुनाव में जोड़ना कठिन कार्य हैं. इसलिए जोगी मुकाबले में उतरने से पहले उस हर पहलू पर गंभीरता से विचार करेंगे क्योंकि चुनाव में केवल और केवल जीत के लिए लड़ना चाहेंगे.
निसंदेह सारे गणित को समझने के बाद भी वे कटघोरा से चुनाव लड़ते हैं तो यहां मुकाबला त्रिकोणी हो जायेगा और चुनाव खर्चीला और दिलचस्प होगा।फिलहाल अमित जोगी की तरफ से अधीकृत तौर पर यह नहीं कहा गया हैं कि वे कटघोरा सीट से चुनाव लड़ेंगे. किन्तु उनका नाम चर्चा में आने के बाद से कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशी काफी चौकन्ना हो गये हैं.क्योंकि उन्हें नये सिरे से चुनावी रणनीति तैयार करनी पड़ेगी ऐसा वे मानकर चल रहे हैं साथ ही उन्हें आर्थिक बोझ बढ़ने की चिंता भी सत्ता रही हैं।
अमित के चुनाव लड़ने से कटघोरा सीट भी कोरबा सीट की तरह ही हाई प्रोफाइल हो जायेगी और पूरे प्रदेश की निगाहें यहां लगी रहेगी.