कथा के दौरान फूटा युवराज पांडे का दर्द, बोले– छत्तीसगढ़िया होने की सजा मिल रही है

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The Duniyadari : रायपुर। लोकप्रिय कथावाचक युवराज पांडे एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। कथा मंच से दिया गया उनका हालिया बयान तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़िया बताते हुए स्थानीय प्रशासन की तैयारियों पर तीखे सवाल उठाए हैं।

कथा के दौरान युवराज पांडे ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था न के बराबर है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि जनसैलाब साफ नजर आ रहा है, फिर भी मौके पर सुरक्षा के लिए पुलिस बल तक तैनात नहीं किया गया। अपने भावुक अंदाज में उन्होंने कहा—“शायद हमारी गलती बस इतनी ही है कि हम छत्तीसगढ़िया हैं।”

सुरक्षा इंतजामों पर जताई चिंता

कथावाचक ने मंच से यह भी कहा कि आयोजनों में सुरक्षा केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। इतनी भीड़ के बीच यदि कोई अप्रिय घटना हो जाए, तो जिम्मेदारी कौन लेगा—यह सवाल उन्होंने सीधे प्रशासन के सामने रखा।

कलश यात्रा में चोरी की घटनाओं का उल्लेख

युवराज पांडे ने कथा के पहले दिन निकाली गई कलश यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि उस दौरान कुछ श्रद्धालुओं के आभूषण और माला चोरी हो गईं। इन घटनाओं से आहत होकर कई भक्तों ने आगे कथा में आना तक बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण श्रद्धालुओं में भय और असहजता का माहौल बन रहा है।

इस पूरे मामले के बाद सोशल मीडिया पर लोग प्रशासन से जवाबदेही और बेहतर सुरक्षा इंतजामों की मांग कर रहे हैं।