करोड़ों की पेयजल योजना सवालों के घेरे में दूषित पानी से बीमार पड़ रहे लोग, आंदोलन की चेतावनी

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The Duniyadari : राजनांदगांव। शहर में अमृत मिशन के तहत पीने के पानी की सप्लाई पर बेशुमार बजट खर्च हुआ, लेकिन धरातल की तस्वीर बिल्कुल उलट है। अधिकांश वार्डों में लोगों को आज भी नालियों जैसी बदबू वाला पानी मिल रहा है। इस कारण वार्डों में उल्टी-दस्त, पीलिया और त्वचा संक्रमण जैसी बीमारियाँ तेजी से फैल रही हैं। स्वास्थ्य का संकट बढ़ता देख नगर निगम की टीम पानी के सैंपल लेने पहुंची है।

राजीव नगर क्षेत्र में नाराजगी चरम पर

राजीव नगर के वार्ड क्रमांक 42 और 43 के निवासी कई दिनों से इस समस्या से जूझ रहे हैं। गंदा पानी आने पर लोग भड़क उठे और पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री तथा मितानिन कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर समस्या की शिकायत लेकर नगर निगम कार्यालय पहुँचे। घर-घर जाकर लोगों को बीमारी के जोखिमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

पानी में क्लोरीन न के बराबर, बढ़ता खतरा

जांच में यह सामने आया है कि सप्लाई पानी में क्लोरीन की मात्रा बेहद कम है। अन्य सैंपल भी जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में संक्रमण तेजी से फैलता है और बच्चों व बुजुर्गों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

कार्रवाई नहीं हुई तो होगा घेराव

पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री का आरोप है कि अमृत मिशन के ठेकेदारों ने 15 दिनों से मेंटेनेंस रोक रखा है, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है। उन्होंने कहा —

“लोगों की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं। यदि तुरंत सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदारों पर एफआईआर दर्ज कर आंदोलन शुरू किया जाएगा।”

निगम की सफाई जारी

वार्ड में बढ़ते रोष को देखते हुए निगम के कर्मचारी लगातार आश्वासन दे रहे हैं कि जल्द सुधार होगा, लेकिन जनता का सब्र अब जवाब दे रहा है।