Tuesday, April 7, 2026
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कुत्ते के काटने को हल्के में लेना पड़ा भारी: जड़ी-बूटी से इलाज कराते रहे, पांच महीने बाद युवक की दर्दनाक मौत

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The Duniyadari: बलरामपुर जिले से लापरवाही का एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। कुत्ते के काटने के बाद समय पर एंटी-रेबीज टीका न लगवाने की वजह से एक युवक की मौत हो गई। परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय महीनों तक जड़ी-बूटी से इलाज कराते रहे। घाव तो भर गया, लेकिन शरीर में फैल चुका वायरस धीरे-धीरे सक्रिय हो गया और आखिरकार युवक की जान चली गई।

जानकारी के मुताबिक, यह मामला जिले के महाराजगंज गांव का है। यहां रहने वाले 35 वर्षीय रामजीत राम को करीब पांच महीने पहले, नवंबर महीने में गांव में घूमते समय एक कुत्ते ने काट लिया था। घटना के बाद परिवार वालों ने उसे अस्पताल ले जाकर एंटी-रेबीज का टीका लगवाने की बजाय स्थानीय स्तर पर जड़ी-बूटियों से इलाज शुरू कर दिया। कुछ दिनों में घाव ठीक हो गया तो परिजनों को लगा कि खतरा टल गया है।

लेकिन रविवार को अचानक रामजीत की तबीयत बिगड़ गई। उसे तेज बुखार आने लगा और शरीर में अकड़न के साथ उसका व्यवहार भी असामान्य हो गया। बताया जा रहा है कि वह कुत्तों जैसी हरकतें करने लगा, जिससे परिवार के लोग घबरा गए। इसके बाद उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।

अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान रविवार रात उसकी मौत हो गई।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कुत्ते के काटने के बाद तुरंत एंटी-रेबीज टीका लगवाना बेहद जरूरी होता है। यदि समय पर इलाज न मिले तो रेबीज वायरस धीरे-धीरे शरीर में फैलकर जानलेवा साबित हो सकता है। यह घटना लोगों को जागरूक रहने और ऐसे मामलों में लापरवाही न बरतने की बड़ी सीख दे रही है।