कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले: आबकारी नीति, शिक्षा, स्टार्ट-अप और स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई दिशा

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The Duniyadari :रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। इन फैसलों का असर शिक्षा, उद्योग, स्टार्ट-अप और स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक रूप से देखने को मिलेगा।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित छत्तीसगढ़ आबकारी नीति को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही नीति से जुड़े सभी आवश्यक कार्यों को पूरा करने के लिए संबंधित विभाग को अधिकृत किया गया है।

मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर को शिक्षा का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया। सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ भूमि श्री विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को 90 वर्षों की लीज पर देने की स्वीकृति दी गई है। यहां नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना की जाएगी। राष्ट्रीय स्तर की यह संस्था लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही है और देश की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थाओं में शामिल है। इससे राज्य में उच्च गुणवत्ता वाली आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

आईटी और स्टार्ट-अप सेक्टर को मजबूत करने के उद्देश्य से नवा रायपुर अटल नगर में चार नए उद्यमिता केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू किया जाएगा। इस पहल से एआई, मेडटेक, स्मार्ट सिटी और स्मार्ट एग्री जैसे क्षेत्रों में स्टार्ट-अप्स को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास केंद्र की स्थापना से हार्डवेयर स्टार्ट-अप्स और एमएसएमई को तकनीकी सहयोग मिलेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए भी मंत्रिपरिषद ने अहम निर्णय लिया। राज्य के जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में लैब सेवाओं को सुदृढ़ करने पर सहमति बनी है। इसका उद्देश्य जांच सुविधाओं की गुणवत्ता सुधारना, संसाधनों को मजबूत करना और मानकों के अनुरूप जांच की संख्या बढ़ाना है।

इन निर्णयों के माध्यम से राज्य सरकार ने शिक्षा, तकनीक और स्वास्थ्य के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में मजबूत पहल की है।