The Duniyadari : कोरबा (न्यूज उड़ान)। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले के विभिन्न निर्माण विभागों की बैठक लेकर चल रहे विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सभी निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि प्रगतिरत कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा किया जाए और गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न हो।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, सेतु विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित अन्य विभागों के कार्यपालन अभियंता व अधिकारी मौजूद रहे।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर चल रहे निर्माण और मरम्मत कार्यों की स्थिति की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने कार्य में तेजी लाने और निर्धारित अवधि के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सड़कों, स्कूल भवनों, कॉलेज भवनों सहित अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कार्य की रफ्तार बढ़ाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से जुड़े निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। कॉलेज और स्कूल भवनों के निर्माण कार्य अगले शैक्षणिक सत्र से पहले पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने अप्रारंभ और निविदा स्तर पर लंबित कार्यों को शीघ्र प्रक्रिया पूरी कर शुरू कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी प्रगतिरत परियोजनाओं में श्रमिकों और मशीनरी की संख्या बढ़ाकर कार्य में तेजी लाने को कहा। दूरस्थ क्षेत्र लैंगा में स्वीकृत सड़क निर्माण कार्य में गति लाने के लिए निर्माण स्थल के पास वीटी प्लांट स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।
बंजारी महाविद्यालय के लंबित कॉलेज भवन और छात्रावास निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने के साथ ही मुख्य मार्ग से कॉलेज तक एप्रोच रोड और बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए डीएमएफ मद से प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। भूमि विवाद से जुड़े मामलों में संबंधित एसडीएम से समन्वय कर शीघ्र समाधान निकालने की बात भी कही गई।
पीएमजीएसवाई और सेतु विभाग अंतर्गत सड़कों एवं पुल-पुलियों के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी मार्गों पर तेजी से प्रगति सुनिश्चित करने और मरम्मत कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी निर्माण विभागों को समानांतर रूप से कार्य शुरू कराने, संसाधन बढ़ाने और सुस्त प्रगति वाली एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जिसमें अनुबंध निरस्त करने और ब्लैकलिस्ट करने तक की कार्रवाई शामिल है।
कलेक्टर ने दो टूक कहा कि जिले के विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।














