The Duniyadari: कोरबा। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग का कोरबा प्रवास महज औपचारिक नहीं रहा। एसपी कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित पहली क्राइम मीटिंग में ही उन्होंने साफ कर दिया कि जिले में पुलिसिंग का तरीका बदलेगा और पुराने तौर-तरीकों से काम नहीं होगा।
बैठक में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, कटघोरा एएसपी नीतिश ठाकुर, तीनों अनुभागों के एसडीओपी समेत सभी थाना और चौकी प्रभारी मौजूद रहे। माहौल शांत रहा, लेकिन IG के निर्देशों में सख्ती साफ झलकी।
बीट सिस्टम को ज़मीन पर उतारने के निर्देश
IG गर्ग ने कहा कि बीट सिस्टम सिर्फ कागजों में नहीं, बल्कि मैदान में दिखना चाहिए। पुलिस और आम जनता के बीच की दूरी खत्म होनी चाहिए। शिकायत सुनना पर्याप्त नहीं, उस पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई ही असली कसौटी होगी।
चोरी के मामलों में जीरो टॉलरेंस
संपत्ति संबंधी अपराधों को लेकर IG का रुख बेहद कड़ा रहा। उन्होंने निर्देश दिए कि चोरी की किसी भी घटना में उसी दिन FIR दर्ज की जाए। विवेचना में देरी अब स्वीकार्य नहीं होगी। थाना प्रभारी स्वयं शिकायतकर्ता की बात सुनेगा और जिम्मेदारी तय होगी।
संगठित अपराध पर सख्त धाराएं
गिरोहबंद अपराधों में संगठित अपराध से जुड़ी धाराएं अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए गए। IG ने साफ संकेत दिए कि लापरवाही या ढिलाई की कीमत चुकानी पड़ेगी।
“सशक्त मोबाइल ऐप” का विमोचन
मीटिंग के बाद IG गर्ग ने “सशक्त मोबाइल ऐप” लॉन्च किया। यह ऐप चोरी हुए वाहनों की खोज और लावारिस खड़े वाहनों की पहचान में मदद करेगा। सड़क किनारे खड़े संदिग्ध वाहन अब पुलिस की नजर से बच नहीं पाएंगे।
IG ने कहा कि तकनीक का उपयोग केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि इसे रोजमर्रा की पुलिसिंग का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए।
कुल मिलाकर, IG के इस दौरे ने जिले की पुलिस को स्पष्ट संदेश दे दिया है—अब काम में तेजी, जवाबदेही और सख्ती तीनों जरूरी होंगी।
































