कोरबा में कलमबंद–कामबंद हड़ताल, शासकीय कामकाज ठप

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The Duniyadari : कोरबा। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर प्रदेशव्यापी तीन दिवसीय कलमबंद-कामबंद हड़ताल के तहत कोरबा जिले में दूसरे दिन भी अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के कारण जिले के अधिकांश शासकीय कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा। फेडरेशन का दावा है कि कोरबा जिले में करीब 20 हजार तथा प्रदेशभर में लगभग 4.75 लाख कर्मचारी-अधिकारी आंदोलन में शामिल हैं।

फेडरेशन द्वारा 29 से 31 दिसंबर 2025 तक घोषित हड़ताल में अधिकारी-कर्मचारी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों पर शासन स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। हड़ताल से राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित कई विभागों के कार्य प्रभावित हुए हैं, जिससे आम नागरिकों को प्रमाण पत्र, फाइल निपटान व अन्य सेवाओं में परेशानी हो रही है।

अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल ने बताया कि यह तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों की प्रदेश स्तरीय स्ट्राइक है, जबकि अधिकारी वर्ग कार्यालयों में उपस्थित रहकर आने वाले लोगों की समस्याओं का निराकरण कर रहे हैं। वहीं फेडरेशन नेताओं ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

फेडरेशन की प्रमुख 11 सूत्रीय मांगें संक्षेप में—

  1. केन्द्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता लागू हो।
  2. डीए एरियर्स की राशि जीपीएफ में समायोजित की जाए।
  3. चार स्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए।
  4. विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियां दूर कर पिंगुआ कमेटी रिपोर्ट सार्वजनिक हो।
  5. प्रथम नियुक्ति से सेवा गणना कर पूर्ण सेवा लाभ, पंचायत सचिवों का शासकीयकरण।
  6. सहायक शिक्षक/पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान, नगरीय निकाय कर्मचारियों को नियमित वेतन व पदोन्नति।
  7. अनुकंपा नियुक्ति में 10% सीलिंग में शिथिलीकरण।
  8. प्रदेश में कैशलेस सुविधा लागू हो।
  9. अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस किया जाए।
  10. दैनिक, अनियमित व संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की नीति बने।
  11. सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए।