The Duniyadari: कोरबा– हरदीबाजार थाना क्षेत्र के ग्राम रैकी में प्रसव के बाद 26 साल की महिला की मौत हो गई। परिजनों ने सरकारी अस्पताल की महिला स्वास्थ्यकर्मी और मितानिन पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि डिलीवरी के बाद जच्चा-बच्चा को अस्पताल में अकेला छोड़ दिया गया, जिससे समय पर इलाज नहीं मिला और संगीता की जान चली गई।
ग्राम रैकी निवासी अनिल पटेल कोल ट्रांसपोर्ट कंपनी में वाहन चालक हैं। उन्होंने साल 2021 में ग्राम बोईदा की संगीता पटेल से शादी की थी। दंपती की तीन साल की एक बेटी भी है। संगीता गर्भवती थीं और गांव के सरकारी अस्पताल में उनका चेकअप चल रहा था।
शुक्रवार देर शाम संगीता को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने मितानिन गिरीश बाई को बुलाया। अनिल अपनी पत्नी को लेकर मितानिन के साथ अस्पताल पहुंचे। वहां एक महिला स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी पर थी।
परिजनों के मुताबिक रात करीब 11:30 बजे मितानिन की मदद से प्रसव कराया गया। आरोप है कि बच्चे के जन्म के तुरंत बाद महिला स्वास्थ्यकर्मी और मितानिन दोनों जच्चा-बच्चा को अस्पताल में छोड़कर अपने घर चली गईं। उस वक्त अस्पताल में संगीता और नवजात के पास सिर्फ परिवार के लोग ही थे।
परिजनों का कहना है कि प्रसव के बाद संगीता की तबीयत बिगड़ने लगी। अस्पताल में कोई डॉक्टर या स्टाफ मौजूद नहीं था। मदद न मिलने से संगीता की मौत हो गई। नवजात फिलहाल सुरक्षित है।
घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से लापरवाह स्वास्थ्यकर्मी और मितानिन पर कार्रवाई की मांग की है। मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है।















