The Duniyadari : Korba. आकांक्षी जिला कोरबा में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर एक अहम कदम उठाया गया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद कटघोरा में जिले का दूसरा सखी वन स्टॉप सेंटर शुरू करने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। केंद्र सरकार की परियोजना क्रियान्वयन समिति ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए छत्तीसगढ़ के 7 जिलों सहित कोरबा में अतिरिक्त सेंटर खोलने की स्वीकृति दी थी, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई प्रारंभ हो गई है।
सखी वन स्टॉप सेंटर का उद्देश्य घरेलू अथवा सार्वजनिक स्थानों पर हिंसा की शिकार महिलाओं को एक ही स्थान पर समग्र सहायता उपलब्ध कराना है। इस केंद्र में पीड़ित महिलाओं को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा, पुलिस सहयोग, कानूनी परामर्श, मानसिक परामर्श (काउंसलिंग) के साथ-साथ अस्थायी आवास की सुविधा भी दी जाएगी।
केंद्र के संचालन को लेकर प्रशासन ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। विभिन्न पदों पर भर्ती की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इनमें सेंटर एडमिनिस्ट्रेटर, साइको-सोशल काउंसलर, केस वर्कर, पैरा लीगल स्टाफ, पैरा मेडिकल कर्मी, कार्यालय सहायक, रसोइया और सुरक्षा गार्ड शामिल हैं। यदि नियमित नियुक्तियों में देरी होती है, तो शासन ने अस्थायी रूप से संरक्षण अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की सेवाएं लेकर सेंटर को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं।
हालांकि, एक ओर जहां दूसरे सखी वन स्टॉप सेंटर की शुरुआत से महिलाओं को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर जिले में सखी निवास (वर्किंग वुमन हॉस्टल) योजना अब भी अधर में लटकी हुई है। मिशन शक्ति योजना के अंतर्गत प्रस्तावित 50 सीटर हॉस्टल के लिए अब तक उपयुक्त भवन नहीं मिल पाया है। विभाग द्वारा प्रतिमाह 37,500 रुपये तक किराया देने की व्यवस्था है, लेकिन सीसीटीवी, गीजर, वाटर कूलर और कार्यालय जैसी आवश्यक सुविधाओं वाले भवन की उपलब्धता न होने से योजना आगे नहीं बढ़ पा रही है।
महिला सुरक्षा से जुड़ी यह पहल जहां जिले के लिए सकारात्मक संकेत है, वहीं सखी निवास योजना को लेकर जल्द समाधान की आवश्यकता भी महसूस की जा रही है।














