The Duniyadari : रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में धान उपार्जन व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए खाद्य विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने जांच के दौरान एक ऐसे किसान को पकड़ा, जो अपने नाम के टोकन का उपयोग कर किसी अन्य किसान का धान बेचने की कोशिश कर रहा था। कार्रवाई के दौरान 162 क्विंटल धान जब्त किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बंगुरसिया निवासी किसान भरत साव निर्धारित टोकन के जरिए बंगुरसिया उपार्जन केंद्र पहुंचे थे। नियमित जांच के दौरान संदेह होने पर जब धान की जांच की गई, तो यह स्पष्ट हुआ कि प्रस्तुत किया गया धान उनके स्वयं के खेत का नहीं था, बल्कि किसी अन्य किसान का था। यह कृत्य शासन की धान उपार्जन नीति और तय नियमों का सीधा उल्लंघन पाया गया।
मामले की सूचना मिलते ही फूड इंस्पेक्टर अंजनी राव एवं सीएम सिदार मौके पर पहुंचे। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद धान का पंचनामा तैयार कर 162 क्विंटल धान को जब्त कर लिया गया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य अवैध धान बिक्री और फर्जी उपार्जन को रोकना है।
खाद्य विभाग के अनुसार जिले में अवैध धान परिवहन, भंडारण और नियम विरुद्ध बिक्री के मामलों पर लगातार नजर रखी जा रही है। अब तक रायगढ़ जिले में 126 मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है, जिनमें कुल 28,887.20 क्विंटल धान जब्त किया गया है। यह कार्रवाइयां खरसिया, धरमजयगढ़, रायगढ़, पुसौर, तमनार सहित अन्य विकासखंडों में संयुक्त जांच टीम द्वारा की गई हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपार्जन केंद्रों में टोकन प्रणाली के तहत धान खरीदी पूरी निगरानी में की जा रही है। यदि कोई किसान किसी अन्य का धान बेचते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से जिले के किसानों के बीच नियमों के पालन को लेकर सतर्कता का संदेश गया है।
खाद्य विभाग ने किसानों और आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध धान बिक्री, परिवहन या भंडारण की जानकारी मिले, तो तुरंत विभाग को सूचित करें। इससे न केवल नीति का पालन सुनिश्चित होगा, बल्कि जिले में धान उपार्जन व्यवस्था भी सुचारु बनी रहेगी।














