The Duniyadari: कोरबा- गेवरा क्षेत्र की कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाओं की लगातार बिगड़ती स्थिति को लेकर भारतीय कोयला खदान मजदूर संगठन, बिलासपुर ने प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई है। संगठन के पदाधिकारियों ने महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपते हुए कॉलोनियों की जर्जर व्यवस्था में जल्द सुधार की मांग की है और चेतावनी दी है कि समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।

संगठन का कहना है कि शक्ति नगर, दीपका सहित कई कॉलोनियों में नालियां टूट-फूट की स्थिति में हैं, सड़कों पर गड्ढे बने हुए हैं और नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी फैल रही है। धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव भी केवल औपचारिकता बनकर रह गया है, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
ज्ञापन में कॉलोनियों के प्रमुख चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुधारने और जर्जर बुनियादी ढांचे की मरम्मत की मांग की गई है। इसके अलावा पाइपलाइन की लंबे समय से सफाई नहीं होने, सीलिंग फैन की कमी और ट्रांसफार्मर के आसपास फैली अव्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई गई है।
मजदूर संगठन ने यह भी आरोप लगाया है कि उद्यानों के सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था और सामुदायिक सुविधाओं के विकास के लिए टेंडर जारी होने के बावजूद काम शुरू नहीं किया गया है। वहीं कॉलोनियों में डिस्पेंसरी बंद होने से कर्मचारियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
संगठन के प्रतिनिधि हमराज राव ने कहा कि कॉलोनियों में बढ़ती अव्यवस्थाओं से कर्मचारियों और उनके परिवारों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खराब सड़कों, गंदगी और धूल के कारण दुर्घटनाओं और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो मजदूर संगठन उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।















