बीजिंग। चीन के वुहान शहर में एक बार फिर कोरोना वायरस की दस्तक से लॉकडाउन जैसे हालात बन गए हैं।
जियांगक्सिया में कोरोना के नए मरीज मिले हैं। जिसके बाद प्रशासन ने एहतियातन 10 लाख चीनी नागरिकों को घरों में कैद कर दिया है। बता दें कि वुहान वही शहर है, जहां 2019 के आखिरी महीनों में कोरोना वायरस के सबसे पहले मामले दर्ज किए गए थे।
इसी शहर से पूरी दुनिया में फैला था कोरोना वायरस
बता दें चीन के वुहान शहर से कोरोना वायरस का संक्रमण पूरी दुनिया में फैला और तब से लेकर अब तक लाखों लोगों की जान ले चुका है। वुहान के जियांगक्सिया जिले के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने कोरोना के चार मामलों का पता लगने के बाद 970,000 से अधिक लोगों की आबादी वाले मुख्य शहरी क्षेत्र में अगले तीन दिनों के लिए लॉकडाउन लगा दिया है।
10 लाख की आबादी वाले जिले में लगा लॉकडाउन
सरकारी बयान के अनुसार, जियांगक्सिया जिले के मनोरंजक स्थल जैसे बार, सिनेमा, और इंटरनेट कैफे सहित-छोटे क्लीनिक और बाजार को बंद कर दिया गया है। प्रदर्शनों से लेकर सम्मेलनों तक, रेस्टोरेंट में भोजन के बड़े समारोहों पर तत्काल पाबंदी लगा दी गई है। सभी पूजा स्थलों को बंद कर दिया गया और धार्मिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
और तो और शिक्षण संस्थानों और पर्यटकों को आकर्षण करने वाले इवेंट्स को भी रोक दिया गया है। इसके अलावा, जिले में बसों से लेकर मेट्रो सेवाओं तक सभी सार्वजनिक परिवहन को निलंबित कर दिया गया है। निवासियों से आग्रह किया गया है कि जब तक बिल्कुल आवश्यक न हो, जिले को न छोड़ें।
लोगों को घरों में रहने के सख्त निर्देश, बाहर निकलने की मनाही
अधिकारियों ने चार उच्च-जोखिम वाले इलाकों की भी पहचान की है, जहां के निवासियों के घर छोड़ने पर प्रतिबंध है। इसके अलावा चार जगहों की पहचान मध्यम-जोखिम वाले इलाकों के रूप में की गई है।
यहां के निवासियों को अपने सोसाइटी या घरों के कंपाउंड से बाहर निकलने पर रोक लगाई गई है। बयान में कहा गया है कि इन प्रतिबंधों का उद्देश्य लोगों की आवाजाही को और कम करना, संक्रमण के जोखिम को कम करना और कम से कम समय में जीरो-कोविड के लक्ष्य को प्राप्त करना है।
0-मंगलवार को मिले थे कोरोना के नए मामले
जियांगक्सिया जिले में मंगलवार देर रात कोविड संक्रमण के चार मामलों की खोज की गई थी। इस घटना के तुरंत बाद अधिकारियों ने पूरे जिले में प्रतिबंध का ऐलान कर दिया था। इनमें से दो मामलों की पहचान नियमित परीक्षण के दौरान हुई, जबकि दो अन्य लोग इन संक्रमितों के संपर्क में आने से पॉजिटिव हुए थे।































