The Duniyadari : रायपुर, 28 नवंबर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में पुलिस ढांचे को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए बड़े पैमाने पर इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार की शुरुआत कर दी है। गृह विभाग के अनुसार राज्यभर में 60 से ज्यादा नए पुलिस स्टेशन, चौकियां, एसडीओपी कार्यालय और फील्ड यूनिटों के भवन निर्माण को तेज रफ्तार दी गई है। कई जिलों में जर्जर और पुराने भवनों की जगह हाई-टेक सुविधाओं से युक्त नए स्ट्रक्चर तैयार किए जाएंगे।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि अब तक कई इलाकों में पुलिस अस्थायी भवनों से काम कर रही थी, वहीं नए निर्माण से फील्ड ऑपरेशन और प्रतिक्रिया समय में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
जिलेवार तेज गति से चल रहे निर्माण
रायपुर, मुंगेली, कोरबा, जशपुर, बालोद, सरगुजा, बिलासपुर, कोंडागांव, राजनांदगांव, कबीरधाम, बलरामपुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़, धमतरी और दुर्ग सहित कई जिलों में नए भवनों के लिए मंज़ूरी दी जा चुकी है।
माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में भी बड़े बदलाव
सुकमा, कांकेर और दंतेवाड़ा जैसे संवेदनशील जिलों में एसडीओपी कार्यालयों और बटालियन भवनों का निर्माण तेज किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार इससे त्वरित कार्रवाई क्षमता, इंटेलिजेंस नेटवर्क और फील्ड कंट्रोल में महत्वपूर्ण सुधार होगा।
शहीदों की स्मृति में 3D प्रतिमाओं वाले स्मारक
डोंगरगढ़ और गरियाबंद में अमर बलिदानी स्मारक विकसित किए जा रहे हैं, जहां विशेष 3D प्रतिमाएँ स्थापित की जाएंगी। यह शहीद जवानों की वीरता और बलिदान को स्थायी सम्मान देने की पहल मानी जा रही है।
सरकार का दावा : पुलिस व्यवस्था होगी और अधिक मजबूत
सरकार का कहना है कि नए भवनों के तैयार होने के बाद
- पुलिस की उपस्थिति गहराई तक बढ़ेगी,
- ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सुरक्षा सुदृढ़ होगी,
- फील्ड ऑपरेशन और मॉनिटरिंग आसान होगी,
- और प्रदेश की पुलिसिंग क्षमता आधुनिक जरूरतों के अनुसार अपग्रेड हो जाएगी।














