The Duniyadari: छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की एक सीट को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। दोनों प्रमुख दलों ने अपने-अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। कांग्रेस ने जहां मौजूदा सांसद फूलो देवी नेताम को फिर से मौका दिया है, वहीं भारतीय जनता पार्टी ने लक्ष्मी वर्मा को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
कांग्रेस का दांव: अनुभव और संगठन पर भरोसा
फूलो देवी नेताम वर्तमान में प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष भी हैं और उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्ति की ओर है। इसके बावजूद पार्टी नेतृत्व ने उनके संगठनात्मक योगदान और सक्रिय भूमिका को देखते हुए उन्हें पुनः उम्मीदवार बनाया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला महिला नेतृत्व को सशक्त करने और संगठन में संतुलन बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है।
सूत्र बताते हैं कि उम्मीदवार चयन से पहले पार्टी स्तर पर व्यापक चर्चा हुई। संभावित नामों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व पीसीसी चीफ मोहन मरकाम, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वरिष्ठ नेता टी.एस. सिंह देव के नामों पर भी मंथन हुआ। अंततः पार्टी ने अनुभव और निरंतरता को प्राथमिकता देते हुए फूलो देवी नेताम के नाम पर सहमति बनाई।
भाजपा की रणनीति: नए चेहरे पर भरोसा
दूसरी ओर भाजपा ने भी उम्मीदवार चयन को लेकर गहन विचार-विमर्श किया। पार्टी के भीतर कई नामों पर चर्चा चली, जिनमें नारायण चंदेल और डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी भी शामिल थे। हालांकि अंतिम निर्णय में लक्ष्मी वर्मा को आगे बढ़ाया गया।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि भाजपा का यह कदम सामाजिक समीकरणों और संगठनात्मक विस्तार को ध्यान में रखकर उठाया गया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि विधानसभा में संख्याबल के आधार पर यह मुकाबला किस दिशा में जाता है।
































